उत्तराखंड BJP का मिशन-23, कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड के लिए सांसदों को दिए ये टास्क, Congress बोली- घबराहट में भाजपा

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Uttarakhand Poltics News: आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर बीजेपी अभी से दमखम से तैयारी में जुट गई है। बीजेपी की तैयारी इस वजह से भी दिखाई दे रही है, क्योंकि संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी न सिर्फ राज्यों का दौरा कर रहे हैं। बल्कि, प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर मूलमंत्र भी दे रहे हैं। इसी कड़ी में दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर आए बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने न सिर्फ प्रदेश पदाधिकारी के साथ बैठक की, बल्कि एक बड़ा मूल मंत्र ’75 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड’ दे गए। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की ओर से सांसदों को दी गई जिम्मेदारी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, चर्चाएं चल रही हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में कुछ सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं। यही वजह है कि बीजेपी संगठन इन सभी सांसदों के परफॉर्मेंस और उनके संसदीय क्षेत्र में मौजूद विधानसभा क्षेत्र में उनकी पकड़ को जानने की कोशिश भी कर सकती है।

बहरहाल, सांसदों को जिम्मेदारी दिए जाने के बाद यह जरूर कह सकते हैं कि बीजेपी संगठन ने जो 75 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य रखा है, उसे यही सांसद ही साकार करेंगे। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक को हरिद्वार ग्रामीण, ज्वालापुर, खानपुर की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि, सांसद तीरथ सिंह रावत को बदरीनाथ और द्वाराहाट की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह को यमुनोत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उधर, सांसद अजय टम्टा को लोहाघाट, धारचूला, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद अजय भट्ट को खटीमा, नानकमत्ता, किच्छा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सभा सांसद नरेश बंसल को मंगलौर, भगवानपुर, पिरान कलियर, बाजपुर की जिम्मेदारी मिली है। राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी को प्रतापनगर, चकराता, हल्द्वानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। जबकि, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी को लक्सर, झबरेड़ा, जसपुर की जिम्मेदारी मिली है।

उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में 23 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को हार मिली, उन सीटों को मजबूत किए जाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में ये सभी सांसद कार्यकर्ताओं के सुझाव, कार्यकर्ताओं की समस्याएं और संगठनात्मक सुझाव क्या-क्या हो सकते हैं? इसके लिए सांसदों का बूथ स्तर तक के प्रवास का कार्यक्रम लगाया जाएगा। उधर, बीजेपी के सांसदों को विधानसभाओं की जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि बीजेपी घबराहट में सांसदों को विधानसभाओं की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन बीजेपी को उनके सांसदों का रिपोर्ट कार्ड देना पड़ेगा। संसद भवन में उत्तराखंड के सांसदों ने कितने सवाल उठाएं और कितने नए प्रोजेक्ट प्रदेश के लिए लेकर आए। इसका जवाब बीजेपी को देना पड़ेगा। लिहाजा, अपने पांचों सांसदों को लेकर बीजेपी और सरकार दोनों घबराहट में है।