Chardham Yatra 2026 से पहले पूरे उत्तराखंड में होगी मॉकड्रिल, जोखिम वाले इलाकों पर नजर

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चारधाम यात्रा के शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन तंत्र ने अपनी कमर कस ली है। Uttarakhand Chardham Yatra 2026 इसी कड़ी में, आगामी 10 अप्रैल को पूरे राज्य में एक बड़ी मॉकड्रिल (मॉक एक्सरसाइज) का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह अभ्यास चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील जिलों पर केंद्रित होगा। इस राज्यव्यापी मॉकड्रिल के लिए उन 7 जिलों को केंद्र में रखा गया है, जो चारधाम यात्रा के मुख्य रूट पर स्थित हैं और भूस्खलन या अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) के प्रति संवेदनशील हैं:

उत्तरकाशी: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की सुरक्षा के लिए।

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग और सोनप्रयाग जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए।

चमोली: बद्रीनाथ धाम और जोशीमठ जैसे भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी।

टिहरी गढ़वाल: ऋषिकेश-चंबा-धरासू रूट पर यातायात और सुरक्षा प्रबंधन।

पौड़ी गढ़वाल: श्रीनगर और कोटद्वार के संपर्क मार्गों की टेस्टिंग।

देहरादून: राज्य मुख्यालय और एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के समन्वय के लिए।

हरिद्वार: यात्रा के ‘बेस कैंप’ के रूप में भीड़ नियंत्रण का अभ्यास।