बड़ी सफलता: लखनऊ में छिपे थे उत्तराखंड पेपर लीक केस के मास्टर माइंड मूसा और योगेश्वर

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्नातक स्तरीय पेपर लीक मामले में फरार चल रहे मास्टरमाइंड सैयद सादिक मूसा और उसके साथी योगेश्वर राव को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। बता दें की पूरे मामले में फरार चल रहे सैय्यद सादिक मूसा पर दो लाख और योगेश्वर राव ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। यूपी एसटीएफ की टीम ने दोनों आरोपियों को लखनऊ के विभूतिखंड से गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में उत्तराखंड एसटीएफ की टीम 41 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जिनमें परीक्षा करवाने वाली कंपनी के टेक्निकल स्टाफ, आयोग के होमगार्ड, कोचिंग संचालक, कुछ मुन्नाभाई, सचिवालय में तैनात अपर सचिव, जखोल जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह समेत कई लोग शामिल हैं। बता दें की उत्तर प्रदेश के नकल माफिया मूसा को इस प्रकरण का मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। उसने ही आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस के स्वामी राजेश चौहान से संपर्क कर स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराया था। आंबेडकर नगर (उप्र) निवासी मूसा उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश में भी कई पेपर लीक करा चुका है।

गौरतलब है कि 5 सितंबर को पेपर लीक के मास्टरमाइंड सैयद सादिक मूसा के साथी संपन्न राव को भी लखनऊ के गोमतीनगर से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सैयद सादिक मूसा और उसके साथी योगेश्वर राव की तलाश तेज हो गई थी। एसटीएफ की टीमें यूपी के लखनऊ सहित अन्य संभावित जगहों पर उनकी तलाश कर रही थी। जिसके बाद आज दोनों की गिरफ्तारी हुई है।

बता दें, उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग देहरादून द्वारा साल 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थीं। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों ने इस परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के से परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन दिया था। जिसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले मे जांच की जा रही है। मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पेपर लीक मामले के तार यूपी के नकल माफिया से भी जुड़े हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एसटीएफ के अधिकारियों को आरोपियों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि साल 2021 में 4 और 5 दिसंबर को UKSSSC की ग्रेजुएट लेवल के 916 पदों पर भर्ती का आयोजन किया गया था। जिसमें 2 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे। बता दें कि परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जा चुका है और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन इसी बीच पेपर लीक का मामला सामने आया। जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।