उत्तराखंड की धामी सरकार एक बार फिर से उत्तराखंड प्रदेश की योगी सरकार के नक्शे कदम पर चलती दिख रही है। सीएम धामी ने ऐसे संकेत दे दिए हैं कि उत्तराखंड में उन जगहों का नाम बदला जाएगा, जिन जगहों पर ब्रिटिश काल का ठप्पा लगा है। ऐसे शहरों, स्थानों के नाम बदलने की तैयारी कर है, जिन्हें अग्रेज अफसरों के नाम पर रखा गया, या फिर अंग्रेजों ने जिन जगहों का नामकरण किया। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में मुगल काल के दौरान रखे गए कई शहरों के नाम बदल दिए हैं। योगी सरकार ने इन शहरों को उनकी पुरानी पहचान के आधार पर नाम दिए हैं। इसी नक्शे कदम पर धामी सरकार भी है। धामी सरकार ने भी ब्रिटिश काल का ठप्पा लगे शहरों का नाम बदलने की घोषणा की है।
एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने नई दिल्ली में नाम बदलने का प्लान साझा किया है। सीएम धामी का कहना है उन्हें ये प्रेरणा प्रधानमंत्री मोदी से मिली है। राज्य में जो भी जगह ब्रिटिश काल और गुलामी के प्रतीक हैं या फिर जिन जगहों को अंग्रेज अफसरों के नाम पर रखा गया है, उनका नाम बदला जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव पर अमल किया तो पौड़ी जिले में स्थित सैन्य छावनी क्षेत्र लैंसडौन का नाम फिर ‘कालौं का डांडा’ हो जाएगा। यहां आपको ये भी बता दें कि पहले इसे ‘कालौं का डांडा’ ही कहा जाता था। फिलहाल 132 साल पुराने लैंसडौन का नाम बदलने की तैयारी है। उधर रक्षा मंत्रालय के आर्मी हेड क्वार्टर ने सब एरिया उत्तराखंड से ब्रिटिशकाल में छावनी क्षेत्रों की सड़कों, स्कूलों, संस्थानों, नगरों और उपनगरों के रखे नामों को बदलने के लिए प्रस्ताव मांगें हैं। कई सालों से इनका नाम बदलने की मांग हो रही है।