देहरादूनः पहाड़ी राज्य में मानसून ने पिछले महीने दस्तक दे दी। दस्तक देते ही यहां कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो रही है। राज्य के पहाड़ी इलाके बारिश के मौसम में भूस्खलन से प्रभावित रहते हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यवस्त हो जाता है। ऐसे में मानसून को देखते हुए शासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि (वर्तमान से दिनांक 30 सितम्बर 2022 तक) रोक लगा दी है। अब छुट्टी केवल अपरिहार्य कारणों पर ही मिल सकती है। मानसून अवधि में बचाव एवं राहत कार्यो में व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिए ये फैसला लिया गया है। मुख्य सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए है।
विभागों को जारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को तीन महीने तक छुट्टी नहीं दी जाएगी। आदेश में लिखा गया मानसून अवधि में राज्य में अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने आदि प्राकृतिक आपदाओं से राज्य के कतिपय जनपद अत्यधिक प्रभावित होते है, जिससे राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त होता है तथा शासकीय एवं निजी परिसम्पत्तियों, जनहानि पशुहानि एवं कृषि योग्य भूमि आदि की क्षति होती है। इस स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना एवं राहत सामग्री वितरण एवं विद्युत, पेयजल, परिवहन आदि को सुचारू करने में शासकीय अधिकारियों / कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
आपको बता दे, राज्य में भारी बारिश के कारण बाढ़ की विभीषिका की भी आशंका बनी रहती है इसलिए कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा जाता है। यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। वहीं, दूसरी वजह राज्य में जारी चारधामा यात्रा और जल्द शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा है। इन धार्मिक यात्राओं में व्यवस्था करने और निगरानी बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। यह आदेश अगले तीन महीने तक के लिए लागू रहेगा यानी सितंबर तक सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी नहीं मिलेगी। राज्य के मुख्य सचिव ने सोमवार को इसके संबंध में आदेश जारी किया है।