देहरादून: उत्तराखंड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए धामी सरकार ने आज से चिंतन शिविर शुरू किया है। यह चिंतन शिविर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के अकादमी के सरदार पटेल सभागार में हो रहा है। शिविर का शुभारंभ सीएम धामी ने किया। इस शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रदेश के तमाम जिले के जिलाधिकारी समेत शासन के बड़े अधिकारी मौजूद है।
चिंतन शिविर के पहले दिन सूबे के मुख्य सचिव एसएस संधू ने बड़ा बयान दिया है। चिंतन शिविर में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि आईएएस अधिकारी फाइल पर नो करना ईगो समझते हैं। नकारात्मक रवैया रखते हैं और काम के निस्तारण के बजाय उसे ना कहने में अपनी पावर समझते हैं। मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि आईएएस अधिकारियों को यह लगता है कि किसी काम के लिए उनका न कहा जाए तो इसके उनकी ताकत झलकती है, जबकि मेरे हिसाब से आईएएस का मतलब होना चाहिए आई हेव अ सोल्यूशन।
चिंतन शिविर के पहले दिन सूबे के CS ने अधिकरियों को लिया आड़े हाथ..दिया ये बड़ा बयान
देहरादून: उत्तराखंड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए धामी सरकार ने आज से चिंतन शिविर शुरू किया है। यह चिंतन शिविर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के अकादमी के सरदार पटेल सभागार में हो रहा है। शिविर का शुभारंभ सीएम धामी ने किया। इस शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रदेश के तमाम जिले के जिलाधिकारी समेत शासन के बड़े अधिकारी मौजूद है।
चिंतन शिविर के पहले दिन सूबे के मुख्य सचिव एसएस संधू ने बड़ा बयान दिया है। चिंतन शिविर में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि आईएएस अधिकारी फाइल पर नो करना ईगो समझते हैं। नकारात्मक रवैया रखते हैं और काम के निस्तारण के बजाय उसे ना कहने में अपनी पावर समझते हैं। मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि आईएएस अधिकारियों को यह लगता है कि किसी काम के लिए उनका न कहा जाए तो इसके उनकी ताकत झलकती है, जबकि मेरे हिसाब से आईएएस का मतलब होना चाहिए आई हेव अ सोल्यूशन।