उत्तराखंड: पहाड़ की बॉक्सर बेटी अब वर्ल्ड बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दिखाएगी दमखम, कर चुकी है कई पदक अपने नाम

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आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां उत्तराखण्ड की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का जलवा नहीं दिखाया हों। संसाधनों की कमी के बावजूद उत्तराखंड की होनहार बेटियां खेलों की दुनिया में खूब नाम कमा रही हैं। Pithoragarh Nikita Chand पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की रहने वाली निकिता चंद ऐसी ही होनहार बेटियों में से एक हैं। निकिता आगामी तीन मार्च से 11 मार्च तक माॅन्टिग्रो के बुडवा शहर में होने जा रही यूथ वर्ल्ड बाॅक्सिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह इससे पहले भी देश दुनिया में अपनी प्रतिभा के दम से प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी है। उन्होंने कई पदक अपने नाम किए है। बकरी पालक पिता की इस होनहार बिटिया ने महज 8 साल की उम्र में ही मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बना लिया था।

मूनाकोट के बड़ालू गांव में किसान परिवार में जन्मी निकिता चंद का परिवार आज भी गरीबी में जीवन जीता है। पिता सुरेश चंद खेती-बाड़ी और बकरी पालन कर परिवार का पेट भर रहे हैं। नीकिता ने एशियन बॉक्सिंग, राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने मार्च 2022 में जार्डन में हुई एएसबीसी एशियन यूथ और जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। वह जुलाई 2021 में सोनीपत हरियाणा में हुए जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, अगस्त 2021 में दुबई में हुए अंतरराष्ट्रीय जूनियर और यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुकी हैं। निकिता की सफलता गांव की दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने का हौसला दे रही है, उन्हें सपने देखने और उन्हें सच करने के लिए प्रेरित कर रही है।