उत्तराखंड से उस वक्त बड़ी खबर—सामने आई जब ‘ऑपरेशन असलाह’ से पूरे हड़कंप मच गया है! सिर्फ 15 दिनों के अंदर पुलिस ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसने अवैध हथियारों के नेटवर्क की नींव हिला दी है और आम जन को चौका दिया हथियारों का जखिरा कहां से आया कहां जा रहा था बल। उत्तराखंड में कैसे अवैध हथियार पहुंच रहे है। दोस्तो जांच में जो खुलासा हुआ है, वो आपको चौंका देगा, क्योंकि पड़ोसी राज्य से जुड़ा हथियारों का पूरा नेटवर्क, और उसके तार सीधे उत्तराखंड तक दोस्तो ऐसी खबर हैरान करती है, कि अपने उत्तराखंड में अवैध हथियारों की जरूरत क्यों पड़ रही है, किसके लिए पड़ रही है। क्या अपना उत्तराखंड बाहरी अपराधियों और हथियारों के तस्करों के लिए क्या एक सुरक्षित प्रदेश बन चुका है, क्योंकि दोस्तो खबर तो कुछ इसी ओर इशारा कर रही है। दोस्तो उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिला। जहां पुलिस तो कह रही है कि हमने 15 दिन के अभियान ने अवैध असलाह तस्करों की कमर तोड़ दी है। वैसे थोड़ा इस बात में दम भी लगता है, लेकिन अपराध का ग्राफ हर कार्रवाई के बाद और बड़ी चुनौती के तौर पर दिखता है। यहां तो कार्रवाई क्या हुई 15 दिनों में पुलिस ने 77 अवैध हथियार बरामद किए। दोस्तो शांत माने जाने वाले उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में इन दिनों पुलिस का ‘ऑपरेशन असलाह’ जबरदस्त सुर्खियों में है। पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त तेवर देखने को मिल रहे हैं।
इसी कड़ी में अवैध हथियारों और तस्करों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया और नतीजे चौंकाने वाले रहे. सिर्फ 15 दिनों के भीतर पुलिस ने पूरे जिले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 77 अवैध हथियार बरामद किए। इतना ही नहीं दोस्तो 116 जिंदा कारतूस और 4 खाली खोखे भी जब्त किए गए। इस अभियान के दौरान 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिससे अपराध जगत में हड़कंप मच गया है। दोस्तो पुलिस के मुताबिक अवैध असलाह रखने वालों और तस्करों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर यह बड़ी सफलता हासिल की। दोस्तो अवैध हथियारों की सप्लाई का लिंक पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से जुड़ा मिला है. यहां से असलाह की खेप उधम सिंह नगर लाई जा रही थी, जिसे स्थानीय स्तर पर खपाने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए कई बड़े तस्करों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने केवल छोटे अपराधियों को ही नहीं, बल्कि पूरे गिरोह को निशाने पर लिया. कई ऐसे आरोपी भी पकड़े गए, जो लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते आ रहे थे। दोस्तो एसएसपी ने साफ कहा कि उत्तराखंड की शांति व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा, उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है। वहीं अपराधियों के बीच डर का माहौल साफ देखा जा सकता है। वैसे कहूं तो उधम सिंह नगर में चल रहा यह ‘ऑपरेशन असलाह’ अब एक मिसाल बनता जा रहा है कि सख्त इरादों के साथ कानून व्यवस्था कैसे मजबूत की जाती है, लेकिन इतना भर काफी नहीं है। उत्तराखंड में अपराध और अपराधियों के लिए जगह नहीं हो सकती, चुनौनियां इसे जड़ से खत्म करने की है। अपराध को देखूं तो इस इलाके में एक तो अवैध हथियारों की सप्लाई बीते कुछ वक्त में बढ़ती दिखाई देती है। वहीं दूसरी ओर नशा दोस्तो यहां अब कोई छोटा मोटा नशा नहीं पहुंच रहा है, बल्कि स्मैक.. ड्रग्स की उपलब्ता आम सी लगती है। हाल में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया था, जुसके पास लाखों नशा मिला था। अब ये अवैध हथियारों के साथ 60 से ज्यादा आरोपियों का पकड़ा जाना ये बताने के लिए काफी है कि हालात बेहद ही संवेदनशील होते जा रहे हैं। आप लोगों के लिए खतरा बढता जा रहा है, तो दोस्तो उधम सिंह नगर में चला ‘ऑपरेशन असलाह’ जरूर एक बड़ी कार्रवाई है, जिसने अवैध हथियारों के नेटवर्क को झटका दिया है, लेकिन सवाल अब भी वहीं खड़ा है—आखिर उत्तराखंड में इतनी बड़ी मात्रा में हथियार पहुंच कैसे रहे हैं?कौन लोग हैं जो इस नेटवर्क को चला रहे हैं?और सबसे बड़ा सवाल—क्या हमारा शांत उत्तराखंड धीरे-धीरे अपराधियों के निशाने पर आ रहा है?पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन चुनौतियां उससे कहीं बड़ी है। अवैध हथियार, बढ़ता नशा और बाहरी नेटवर्क—ये संकेत हैं कि अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ से सफाई की जरूरत है।क्योंकि अगर आज नहीं संभले, तो कल हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस ने साफ कर दिया है कि अभियान जारी रहेगा और उम्मीद यही है कि उत्तराखंड की शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।