Union Budget 2023: उत्तराखंड के लोगों को निर्मला सीतारमण के बजट से हैं यह उम्मीदें

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केंद्र सरकार के आम बजट पर उत्तराखंड की निगाह लगी है। बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट का पिटारा खोलेंगी। उनके पिटारे से उत्तराखंड सरीखे हिमालयी राज्यों को क्या मिलेगा, यह तभी पता चलेगा। फिलहाल, प्रदेश सरकार और राज्य के जनमानस की बजट से कई उम्मीदें हैं। क्योंकि राज्य सीमित संसाधनों में सिमटा हुआ है। ऐसे में राज्य को बड़े योजनाओं और परियोजनाओं के लिए हमेशा से ही केंद्र सरकार की मदद की दरकार रहती है।

टनकपुर से बागेश्वर व डोईवाला से उत्तरकाशी के लिए ट्रेन: टनकपुर से बागेश्वर रेल लाइन का मामला कई दशकों से लंबित है। 154 किमी लंबी इस रेल लाइन का 2021 में सर्वे हो चुका है। इसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा प्राप्त है। डोईवाला से उत्तरकाशी रेल लाइन के सर्वेक्षण की एलाइनमेंट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इस 102 किमी लंबी परियोजना पर 30 हजार करोड़ खर्च का अनुमान है। इन दोनों प्रोजेक्टों के लिए बजटीय प्रावधान की उम्मीद की जा रही है।

प्रदेश में मोबाइल कनेक्टिविटी विस्तार की दरकार: देश में भले ही 5जी की शुरुआत हो गई हो, लेकिन उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्र अभी भी मोबाइल कनेक्टिविटी से काफी अधिक दूर है। कई गांव ऐसे हैं, जहां आज तक मोबाइल की घंटी भी नहीं बजी है। लिहाजा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी बेहतर हो इसको उत्तराखंड की जनता आस लगाए बैठी है। क्योंकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की अत्यंत आवश्यकता है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में सूचनाओं के आदान प्रदान करने में भी मोबाइल कनेक्टिविटी एक बेहतर माध्यम साबित हो सकती है।

नए औद्योगिक इकाइयों की दरकार: उत्तराखंड में एचएमटी और आईडीपीएल जैसे केंद्रीय संस्थान बंद हो चुके हैं। जिसे उत्तराखंड को एक बड़ा झटका लगा है। ऐसे में केंद्र सरकार को आम बजट में उत्तराखंड के लिए कुछ ऐसा प्रावधान करना चाहिए ताकि राज्य में एक बड़ी इंडस्ट्री लगाई जा सके। ताकि लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। इसके अलावा प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भी रॉ मटेरियल की भरमार है। लिहाजा पर्वतीय क्षेत्र के अनुरूप इंडस्ट्री उत्तराखंड में काफी अधिक कारगर हो सकती है। जिससे किसानों की आय ना सिर्फ बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

जोशीमठ को आर्थिक पैकेज की दरकार: उत्तराखंड के जोशीमठ के घरों में लगातार दरारें बढ़ती जा रही हैं। राज्य सरकार राहत बचाव के कार्यों के साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर रोडमैप तैयार कर रही है। इसके अलावा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी, लोगों और स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर आर्थिक राहत पैकेज भी तैयार कर रही है। जिसके तैयार होने के बाद इस राहत पैकेज को भारत सरकार को भेजा जाएगा। जिससे आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।