जोशीमठ के ताजा हालात पर PMO ने बुलाई 10 फरवरी को मीटिंग, होंगे अहम फैसले

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PMO On Joshimath Crisis: उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में भू-धंसाव के बाद जो हालात बने हैं, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जोशीमठ आपदा से जुड़ी हर अपडेट ले रहे हैं। वहीं, पूरे मामले में 10 फरवरी को पीएमओ में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक होने जा रही हैं। जिसमें उत्तराखंड सरकार के अधिकारी पूरे मामले में अपडेट देंगे। वहीं, इस बैठक में पीएम मोदी के पूर्व सलाहकार रहे और वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के पर्यटन विभाग में विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे भी शामिल होंगे। दरअसल, जोशीमठ में भू-धंसाव और दारार के मामलों को बढ़ते देख पीएम के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने 8 जनवरी को उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसके बाद आपदा का कारण पता लगाने और समाधान के लिए 8 संस्थानों के विज्ञानियों ने जोशीमठ में मोर्चा संभाला था। ये सभी संस्थाएं अपनी शुरुआती रिपोर्ट एनडीएमए भेज चुकी हैं।

वहीं, अब 10 फरवरी को दोपहर करीब 3.30 बजे पीएमओ ने बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए शासन को भी पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया कि बैठक प्रधानमंत्री के सलाहकार की अध्यक्षता में होगी। जोशीमठ के दृष्टिकोण से इस बैठक को अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें एनडीएमए द्वारा विज्ञानिक संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर समस्या के समाधान के उपायों का खाका प्रस्तुत किया जा सकता है। साथ ही पीएमओ की ओर से अहम दिशा-निर्देश उत्तराखंड शासन को दिए जा सकते हैं। यही नहीं, अप्रैल के तीसरे सप्ताह से होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। जोशीमठ में दरारों वाले घरों की संख्या बढ़कर 868 तक आ पहुंची है। इन 868 में से 181 घर असुरक्षित क्षेत्रों में बने हुए हैं। जिला प्रशासन ने 243 परिवारों के 878 लोगों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है, जबकि 53 परिवारों के 117 सदस्य अपने अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने प्रभावितों लोगों को 497.30 लाख रुपये बांटे हैं।