उत्तराखंड में भाषा विभाग को मजबूत करने के लिए अलग निदेशालय बनाने की कवायद तेज हो गई है। विभागीय मंत्री खजानदास ने बताया कि इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है। कोशिश है कि निदेशालय ऐसी जगह बने जहां उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकारों और भाषाविदों का जुड़ाव रहा हो। भाषा विभाग को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अभी कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने भाषा-संस्कृति के लिए काम किया, लेकिन उन्हें मंच नहीं मिला। हमारा प्रयास है कि सबको एक मंच पर लाया जाए, सबको जोड़ा जाए। इसी दिशा में निदेशालय की योजना है। निदेशालय बनने से भाषा, बोली और लोक संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के काम को संस्थागत ढांचा मिलेगा।