क्या हुआ उस रात?’VIP’ के राज से उठा पर्दा! | Ankita Bhandari Case | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो अंकिता हत्याकांड में वीआईपी के शोर के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, वीआईपी के आरोपों पर नया खुलासा आपको चौका देगा। पुलिस ने बताया उस रात का सच, जिससे क्या ये कहा जा सकता है कि वीआईपी के राज से उठ गया पर्दा। Ankita Murder Case Uttarakhand दोस्तो पुलिस का एक बयान आया तो मैने सोचा आपको बता दूं क्या कह रही है अंकिता के हत्याकांड के 4 साल बाद पुलिस। दोस्तो उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में ‘VIP’ से जुड़े गंभीर आरोपों पर पहली बार खुलासा करते हुए उस रात का सच बताया है अब सवाल यह है कि आखिर उस रात क्या हुआ था और किसने क्या किया? क्या इस बयान से पूरे उत्तराखंड की जनता जो सवाल कर रही है उसको उसके सवालों का जवाब मिल जाएगा, क्या ये ही सच है जो पुलिस हत्याकांड के 4 साल बाद बता रही है। दोस्तो उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस तरह के सवाल खड़े हो रहे है, उस पर मीडिया ने पौड़ी के पूर्व एएसपी और एसआईटी सदस्य रहे शेखर सुयाल से सवाल किए। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कई अहम जानकारी दी और उर्मिला सनावर द्वारा लगाए गए आरोपों का भी विस्तार से जवाब दिया. साथ ही वीआईपी का नाम भी खोला। दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया था, जिसके सदस्य तत्कालीन पौड़ी के एएसपी शेखर सुयाल भी थे। शेखर सुयाल ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एसआईटी ने की थी, उस जांच को हाईकोर्ट और सुप्रीम ने सही करार दिया था। शेखर सुयाल का कहना है कि एसआईटी जांच सही दिशा में की गई थी, तभी तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था और उन्हें उम्र कैद की सजा हुई थी। आज भी तीनों दोषी जेल में बंद है। शेखर सुयाल की माने तो एसआईटी ने वनंत्रा रिजॉर्ट में एक-एक सबूत जुटाए और उसे कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई और जांच सही दिशा में गई।

वहीं दोस्तो शेखर सुयाल ने वीआईपी का सच भी बताया वो क्या था वो बताता हूं। वैसे उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में सबसे ज्यादा बात वीआईपी की हो रही है। वीआईपी का सच क्या है, इसको भी शेखर सुयाला ने विस्तार से बताया। शेखर सुयाला वर्तमान हरिद्वार के एसपी ग्रामीण है, लेकिन वो अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में शुरुआत से जुड़े हुए है। दोस्तो एसपी शेखर सुयाला बताते हैं कि ये घटना 18 सितंबर 2022 की है, जब तीनों आरोपियों ने एक प्लान बनाते हुए राजस्व चौकी में पटवारी के पास अंकिता की मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई थी। यह भी सच है कि अंकिता का दोस्त जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है, वो भी घटना से दो दिन पहले यानी 15 और 16 सितंबर को अपने एक दोस्त के साथ रिसॉर्ट में आया था। इसीलिए आरोपियों ने ऐसा बताने की कोशिश की थी कि अंकिता अपने दोस्त के साथ चली गई है. इस तरह अगले दिन अंकिता की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज होता है। एसपी शेखर सुयाला ने बताया कि जांच के दौरान वो जो समझ पाए, उसके अनुसार आरोपियों ने इस तरह का एक सिनेरियो बनाने की कोशिश कि की 18 सितंबर 2022 की रात को अंकिता रिसॉर्ट में उनके साथ वापस आई थी और 19 सितंबर सुबह को वो बिना बताए चली गई। आरोपी अपने स्टाफ और अंकिता के परिजनों को ऐसा दिखाने का प्रयास कर रहे थे कि अंकिता अपने उन दोस्तों के साथ चली गई है, जो दो दिन पहले उससे मिलने आए थे। शुरुआती जांच भी इस दिशा में की गई।

दोस्तो एसपी शेखर सुयाला ने बताया कि जब ये केस पुलिस को हेडओवर हुआ, तब वो एएसपी पौड़ी थे और बाद में वो एसआईटी के भी सदस्य बने। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, 18 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक आरोपियों ने पुलिस और मीडिया को यहीं बताया कि अंकिता लापता है। एसपी शेखर सुयाला के मुताबिक आखिर में आरोपियों ने कबूल किया कि वो एक्स्ट्रा सर्विस की मांग अंकिता से कर रहे थे, जिसके लिए वो तैयार नहीं थी। 18 सितंबर की रात को 9 बजे के करीब अंकिता का फोन परमानेंट बंद हो गया था, इसीलिए माना जा रहा है कि वो ही घटना का टाइम है। इसके बाद आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कैसे अंकिता को गंगा में धक्का देकर मारा, पुलिस की जांच में भी सभी बातें सही पाई गई यानि आरोपियों का प्लान फूलफ्रूप था। वहीं दोस्तो एसपी शेखर सुयाला ने बताया कि 22 सितंबर को ये केस पुलिस को हेडओवर हुआ और उस दिन शाम को लक्ष्मण झूला थाने से आईओ रिसॉर्ट गया और उस कमरे को सील कर दिया, जिसमें अंकिता रहती थी। 23 सितंबर को सुबह 9 बजे एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) की टीम रिसॉर्ट पहुंची. एफएसएल टीम ने अंकिता के पूरे कमरे की वीडियो रिकॉर्डिग की साथ ही वहां से सभी साक्ष्य और सबूत एकत्र किए, लेकिन इस बात पर अभी एक अलग तरह का विरोधाभास देखने को मिल रहा है क्योंकि उस दौरान कोर्ट में ऐसी कोई भी बात पुलिस द्वारा नहीं की गई थी, तो दोस्तो पुलिस और एसआईटी सदस्य रहे अधिकारी शेखर सुयाल का पक्ष, ऐसे वक्त में सामने आया है जब अंकिता केस में कथित वीआईपी की एंट्री पूरे उत्तराखंड में आग लगा रखी है। अब पुलिस की इस कथनी में किताना सच है वो तो पुलिस ही जाने, लेकिन अगर ये सब सही भई है तो फिर जांच में कोई हर्ज नहीं है, जांच होगी सबकुछ साफ हो जाएगा, लेकिन जांच है कि होने का नाम नहीं ले रही है।