जी हां दोस्तो अचानक हुई छापेमारी से गैस एजेंसी में हड़कंप मच गया। पुलिस की इस कार्रवाई में ठेकेदार के खेल से बड़ा पर्दाफाश हुआ है। लंबे समय से चल रहे इस गड़बड़झाले पर आखिरकार शिकंजा कस दिया गया है। क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा—बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो खाड़ी देशों में युद्ध के बाद एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी हो रही है, जिसका का फायदा दलाल भी उठा रहे है। हालांकि सरकार और प्रशासन की तरफ से साफ किया है कि एलपीजी गैस सिलेंडर कोई कमी नहीं है। वहीं शासन-प्रशासन और पुलिस की तरफ से गैस एजेंसियों पर भी नजर रखी है। इसी क्रम रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा ने अपने इलाके में पड़ने वाली एक गैस एजेंसी की औचक निरीक्षण किया है, जहां उन्हें कई अनियमितताएं मिली। इसी वजह से पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में माफीनामा लेकर उसे छोड़ दिया। दोस्तो रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा का कहना है कि शहर में इंडेन गैस एजेंसी पर पिछले कई दिनों से गैस वितरण में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मेयर विकास शर्मा खुद मौके पर पहुंच गए। एजेंसी की स्थिति देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। क्योंकि न तो गैस वितरण के लिए कोई तय रोस्टर बनाया गया था और न ही प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था। वहीं दोस्तो निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी करने के बजाय उपभोक्ताओं को सीधे एजेंसी पर बुलाकर वितरण किया जा रहा था, जिससे वहां भारी भीड़ इकट्ठा हो रही थी। इससे न केवल अव्यवस्था फैल रही थी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई लोगों ने आरोप लगाया कि गैस की कालाबाजारी भी की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
दोस्तो मेयर विकास शर्मा ने मौके पर मौजूद ठेकेदार और प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सूचना पर अपर जिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला पूर्ति अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पाया कि एजेंसी द्वारा कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं दोस्तो अपर जिला अधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए एजेंसी के ठेकेदार विनय जायसवाल को पुलिस हिरासत में लेने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ठेकेदार को कोतवाली ले गई। ठेकेदार की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही एजेंसी के कर्मचारी भी कोतवाली पहुंच गए और ठेकेदार को रिहा करने की मांग करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि ठेकेदार को बिना पूरी जांच के हिरासत में लेना उचित नहीं है। वहीं रुद्रपुर कि माने तो वो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा दिशा निर्देश पर गैस एजेंसी के ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ठेकेदार से लिखित माफीनामा लिया, जिसमें उसने भविष्य में सभी नियमों का पालन करने और गैस वितरण व्यवस्था को सुधारने का आश्वासन दिया।
इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया। दोस्तो इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने एजेंसी को सख्त निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण केवल होम डिलीवरी के माध्यम से किया जाए और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद शहर की अन्य गैस एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया है और वे नियमों का पालन सुनिश्चित करने में जुट गई हैं। दोस्तों, गैस एजेंसी पर हुई इस छापेमारी ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। फिलहाल ठेकेदार को चेतावनी देकर छोड़ा गया है, लेकिन आगे किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है।