Diwali 2022 : सभी को घर जाने की जल्दी। चाहे बस में पांव रखने की जगह ही क्यों न हो, लेकिन किसी तरह जिद्दोजहद कर बस में चढ़ गए और सफर खड़े रहकर तय किया। दीपावली मनाने को घर जाने वालों का यह नजारा आइएसबीटी पर देखने को मिला। पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां उन्हें रोडवेज बस से दोगुना किराया चुका पड़ रहा है। यात्रियों की भीड़ जुटने के साथ टैक्सी चालकों की मनमानी भी शुरू हो गई है। बसों में सीटें नहीं हैं। परिवहन निगम की ओर से पहाड़ के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं किया गया है। इसका फायदा टैक्सी चालक उठा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी परिसर के बाहर से अंदर तक लोगों को सीट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है, जबकि लोगों की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाई गई हैं। इसके बावजूद भी बसों में जहां अंदर घुसने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही, वहीं ट्रेनों में बाथरूम में बैठकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यात्रियों की बेइंत्तहा भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम सभी बसें के अतिरिक्त फेरे भी लगवा रहा है, लेकिन लोगों का दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वाल्वो व हाईटेक बसों की टिकट बुकिंग तो पहले से ही फुल थी। साधारण बसों में सीटें फुल हो जाने से यात्रियों को खड़े-खड़े ही सफर करना पड़ा।