उत्तराखंड: सवारी बन सिटी बस में बैठे RTO, सामने आया सफर का सच

Spread the love

उत्तराखंड में बसों में मनमाना किराया वसूलने, महिला यात्रियों को सीट न देने व उनकी सुरक्षा के प्रबंध न होने, चालक एवं परिचालक के वर्दी में न होने की शिकायतें लगातार सामने आती रहती है। Dehradun RTO sitting in a city bus as a ride इन्हीं अव्यवस्थाओं की शिकायतों पर एक्शन लेते हुए राजपुर-क्लेमेनटाउन मार्ग की राजपुर की तरफ से आ रही सिटी बस में आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी सामान्य यात्री बनकर सवार हो गए। बस में सभी सीटें फुल थीं और कुछ यात्री खड़े हुए थे। इस दौरान आरटीओ ने आगे से पीछे तक पूरी बस का निरीक्षण किया और यात्रियों से सामान्य ढंग से पूछताछ की। चालक व परिचालक को जब आरटीओ के बारे में पता चला तो उनके हाथ पैर फूल गए। इस दौरान बस में आरक्षित महिला सीट पर पुरुष बैठे हुए मिले। चालक व परिचालक वर्दी में भी नहीं थे।

निरीक्षण में जानकारी हासिल करने के बाद जब यात्रियों को आरटीओ ने खुद का परिचय दिया तो चालक-परिचालक के होश उड़ गए। आरटीओ ने बसों में दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित सीट समेत बसों में डस्टबीन, चालक व परिचालक के वर्दी में होने की जांच की। इसके अलावा चालकों की एल्कोमीटर से भी जांच की गई। चेकिंग के दौरान कुल 37 बसों की जांच की गई, जिनमें नियमों का पालन न होने व चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर पर नौ बसों का चालान किया गया। इस दौरान परिवहन कर अधिकारी अनुराधा पंत भी उपस्थित रहीं। उन्होंने परिचालकों को महिला व बुजुर्ग यात्रियों का सामान चढ़ाने व उतारने में मदद करने को भी कहा। आरटीओ ने बताया कि काफी बसों में नियमों का पालन होते हुए मिला। यात्रियों को टिकट भी दिए जा रहे थे और चालक-परिचालक वर्दी में थे। बसों में डस्टबीन भी था।