Rudrapur मुस्लिम पड़ोसियों से परेशान हिंदू परिवार | Hindu Family Migration | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों की तरस्वीरों ने सोचने पर मजबूर कर दिया क्या शांत देवबूमि में क्या कोई शाजिस चल रही है। वो ये की धार्मिक उनमाद की खबरों ने खूब हल्ला किया। अब एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जो कई सवाल खड़े कर रही है। उत्तराखंड में एक हिंदू परिवार ने अपने ही घर के बाहर ‘मकान बिकाऊ’ का बोर्ड लगा दिया वजह? आरोप देखगें तो दंग रह जाएंगे क्योकि मामला है कुछ ऐसा पूरी खबर बताता हूं आपको दोस्तो खबर ये कि एक परिवार मुस्लिम पड़ोसियों की कथित हरकतों से इतना परेशान हो चुका है कि अब उन्हें अपना घर छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। क्या यह सिर्फ एक मोहल्ले का विवाद है या फिर उत्तराखंड में बढ़ते पलायन की एक और डरावनी कहानी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या अपने ही घर में सुरक्षित महसूस न करना अब लोगों की मजबूरी बनता जा रहा है? दोस्तो ऊधमसिंहनगर जिले के रूद्रपुर में एक हिंदू परिवार पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम परिवारों से परेशान होकर क्या पलायन को मजबूर है? ये मामला सोशल मीडिया में वायरल होते ही प्रशासन में हड़कम्म मच गया। पीड़ित हिंदू परिवार ने रुद्रपुर पुलिस पर भी सुनवाई न करने के आरोप लगाए है अब मामले को समझिए।

दोस्तो जनपद मुख्यालय रूद्रपुर की सुभाष कालोनी में एक हिंदू परिवार के द्वारा मुस्कान समुदाय के कुछ लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया और पुलिस को तहरीर देने के बाद भी कार्रवाही न करने का आरोप लगाते हुए घर के बाहर मकान बिकाऊ का बोर्ड लगाया है। ये खबर पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई जिससे पुलिस प्रशासन और ख़ुफ़िया विभाग में हड़कंप मच गया, हालांकि पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोस्तो सुभाष कालोनी निवासी कमलेश का कहना है कि, पड़ोस के रहने वाले आकिब, शाकिब, मुस्कान, गुड्डु और पप्पू के द्वारा आये दिन उनसे झगड़ा किया जाता है, बीते दिनों बच्चो के विवाद में पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई, जिसमे उनकी माँ उर्मिला के सर में गंभीर चोट आई है, उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इतना ही नहीं दोस्तो हिंदू परिवार का ये कहना है कि पहले भी कई बार उनका उत्पीड़न करते हुए मारपीट की गई और यहां न रहने देने की धमकियां दी गई, पुलिस में शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती इसलिए उन्होंने अपना घर बेचने का फैसला लिया। दोस्तो इस घटना के सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और उनके घर पहुंचकर जाँच भी शुरू की है। रूद्रपुर सीओ सिटी प्रशांत कुमार कहते हैं कि बच्चों के विवाद में दो पक्षों में मारपीट की घटना सामने आई है, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उन्होंने खुद घटना स्थल पर पहुंचकर पूछताछ कर मामले की जानकारी ली है। दोस्तो यहां आपको बता दूं कि यूपी से लगे रुद्रपुर क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से डेमोग्राफी चेंज की समस्या भी सिर उठा रही है और जानकारी ये कि सुभाष नगर क्षेत्र में भी इस तरह की खबरे संज्ञान में आई है। फिलहाल प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रहा है।

दोस्तों, रूद्रपुर का ये मामला सिर्फ एक मोहल्ले की झगड़े की कहानी नहीं है। यहां एक हिंदू परिवार मजबूर होकर अपना घर बेचने पर आ गया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि अपने ही घर में वे सुरक्षित नहीं हैं। क्या यही अब हमारे शहरों में आम होता जा रहा है? क्या लोग अपनी सुरक्षा के नाम पर अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं? सोशल मीडिया में वायरल हुई इस खबर ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है, लेकिन सवाल यही है कि क्या कार्रवाई समय पर और प्रभावी होगी, ताकि ऐसे मामलों में भविष्य में किसी को भी मजबूरी न झेलनी पड़े। विशेषकर बच्चों के बीच के मामूली विवाद से इतना बड़ा तनाव खड़ा होना, और पड़ोसियों के बीच बढ़ते तनाव की चेतावनी देता है कि सामाजिक संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। क्या हमारी कानून-व्यवस्था, प्रशासन और समाज इस तरह की परिस्थितियों को रोकने में सक्षम हैं?दोस्तों, यह सिर्फ रूद्रपुर का मामला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के बढ़ते पलायन और समाज में असुरक्षा की ओर एक चिंताजनक संकेत भी है। प्रशासन ने जांच शुरू की है, लेकिन अब जिम्मेदारी सिर्फ अधिकारियों की नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों की भी है कि हम अपने मोहल्लों में शांति और सह-अस्तित्व बनाए रखें।तो सवाल यही है—क्या ये परिवार अपने घर में सुरक्षित महसूस कर पाएगा? क्या प्रशासन और समाज समय रहते ऐसे मामलों को रोक पाएंगे? और सबसे बड़ी बात—क्या हम अपने ही शहर में अब दूसरों के डर से जीने को मजबूर हो जाएंगे?