Dehradun बैंक में करोड़ का घोटाला मचा हड़कंप! | Bank Fraud | Financial Scams | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो कई तरफ के घोटालों ने अपने प्रदेश की खूब फजिहत कराई है दोस्तो अब जो खबर देहरादून से आई एक बड़े घोटाले ने खाताधारकों को सड़क पर ला दिया। दिन का चैन लूट लिया गया। रातों की नींद उड़ चुकी है। यहां तक की आरबीआई को दखल देकर 6 महीने तक वित्तीय लेनदेन पर रोक लगानी पड़ी है। क्या है बैंक घोटाले का पूरा मामला आपनी इस रिपोर्ट के जरिए बताउंगा आपको। दोस्तो देहरादून के दर्शन लाल चौक स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। खाताधारकों की नींद उड़ी, क्योंकि RBI ने बैंक के सभी वित्तीय लेनदेन पर छह महीने तक रोक लगा दी है। कैसे फंसे 9 हजार खाताधारक और ठेकेदारों के करोड़ों रुपये! दोस्तो पहले मै आपको कुछ खाता धारकों की परेशानी दिखाता हूं फुर पूरी खबर बताता हूं। दोस्तो राजधानी देहरादून से इस घोटाले सबको हैरान किया है। यहां पर दर्शन लाल चौक पर स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में घोटाला हुआ है। इस घोटाले की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के खातों में होने वाले सभी वित्तीय लेनदेन पर 6 महीने तक रोक लगा दी है। अब इसका असर बैंक के करीब नौ हजार खाताधारक पर पड़ा है। बैंक में वित्तीय लेनदेन बंद होने की वजह से खाताधारकों को काफी दिक्कत हो रही है। बताते चलें कि इस बैंक में नगर निगम के 50 ठेकेदारों के खातें हैं। जिनके करीब 30 से 35 करोड़ रुपए फ्रीज हो गए है। जी हां दोस्तो लोगों को पता ही नहीं था जब इस घोटाले के बारे में पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई और खाताधारकों के हाथ खाली हो गए।

दोस्तो जैसे ही बैंक में लेनदेन बंद होने की जानकारी खाताधारकों को पता चली वो सीधा बैंक पहुंच गए। जहां पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। हंगामें के दौरान बैंक के कर्मचारी भी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। दरअसल दोस्तो बैंक पहुंचे खाताधारक ठेकेदारों की माने तो साल 2013 और 2014 में हुए 38 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का ऑडिट अब किया गया। जिसकी वजह से RBI ने भी बैंक के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी है। इससे हुआ ये कि ठेकेदारों के करीब 35 करोड़ रुपए बैंक में ही फंस गए। इस दोस्तो पूरे मामले को लेकर खाताधारकों ने बैंक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। तो वहीं बैंक अधिकारियों के अनुसार, करीब 98 करोड़ के लेनदेन पर रोक लगाई गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। खाताधारकों की तरफ से भी कोई स्पष्ट राहत नहीं मिल पाई है। यहां मै आपको ये भी बता दूं कि ये बैंक साल 1973 में शुरू हुआ था। बैंक आरबीआई के अधीन आता है। इस ऑडिट आरबीआई ही करता है। काफी सालों से इसमें आम जनता के खाते हैं। 11 फरवरी को जानकारी मिलती है कि इस बैंक में वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।

बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि ये रोक केवल दो दिन के लिए है। जिसके बाद सब कुछ सामान्य हो जाएंगा। हालांकि जब सोमवार को RBI का सर्कुलर मिला तो उसमें पता चला कि छह महीने के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगी है। जिसके चलते अब खाताधारक परेशान हैं। देहरादून के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में सामने आए करोड़ों रुपये के घोटाले की पूरी कहानी। खाताधारकों की मुश्किलें अभी बरकरार हैं, RBI की छह महीने की रोक के कारण लोगों के पैसे फंसे हुए हैं और ठेकेदारों सहित हजारों खाताधारक परेशान हैं।पुलिस और बैंक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन अब सवाल यही है—खाताधारक कब और कैसे अपने फंसे हुए पैसों तक पहुंच पाएंगे। हम इस खबर पर नजर बनाए रखेंगे और जैसे ही कोई नई जानकारी सामने आएगी, आपको अपडेट देंगे। इसलिए दोस्तो, सतर्क रहें, अपने खातों की स्थिति चेक करते रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।