shailesh matiyani शिक्षा के हीरो शिक्षकों को मिलेगा बड़ा सम्मान । Teachers Award । Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो प्रदेश की धड़ाम होती शिक्षा व्यस्था के उलट कुछ शिक्षकों ने कर दिखाया ऐसा कमाल की आज उनको शिक्षा का हीरो कहा जा रहा है। जी हां उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। Shailesh Matiyani State Educational Award राज्य के 19 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ये वो शिक्षक हैं जिन्होंने अपने काम से शिक्षा को नई दिशा दी और छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाई कौन हैं ये “शिक्षा के हीरो” जिन्हें मिलेगा यह बड़ा सम्मान। दोस्तो उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षकों को उनके अद्वितीय कार्य के लिए शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। राज्य चयन समिति की बैठक की सिफारिश पर शैलेश मटियानी शैक्षिक पुरस्कार 2025 के लिए राज्य के 19 शिक्षकों का चयन किया गया है। दोस्तो शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025 के लिए चयनित 19 शिक्षकों के नाम की सूची जारी हो चुकी है। इस सूची में 12 प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों, 6 माध्यमिक शिक्षा के और 1 प्रशिक्षण संस्थान के शिक्षक का नाम शामिल किया गया है। दोस्तो शिक्षा सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। राज्य चयन समिति की सिफारिश के आधार पर इन शिक्षकों का चयन किया गया है। विभाग ने जानकारी दी है कि चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान के तहत प्रत्येक शिक्षक को 10 हजार रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें विभाग में दो वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संस्कृत शिक्षा विभाग से भी एक शिक्षक को यह पुरस्कार दिया जाएगा, जिसका चयन संबंधित विभाग द्वारा किया जा रहा है। दोस्तो शिक्षकों की बात करता हूं  कौन कहां से है गौर कीजिएगा।

शैलेश मटियानी अवॉर्ड 2025

प्रशिक्षण संस्थान (1 शिक्षक)

  • डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट – प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) बड़कोट, उत्तरकाशी

माध्यमिक शिक्षा (6 शिक्षक)

  • डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव – प्रधानाचार्य, जीआईसी भगवानपुर धारकोट, देहरादून
  • कमलेश पंवार – प्रधानाचार्य, जीजीआईसी गुलाबशाहपीर, हरिद्वार
  • नवीन चंद्र पंत – सहायक अध्यापक, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पल्सौ, चंपावत
  • विशन सिंह मेहता – प्रधानाचार्य, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल
  • नरेंद्र सिंह नेगी – प्रवक्ता, राजकीय इंटर कॉलेज जगतेश्वर पाबौं, पौड़ी गढ़वाल
  • डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा – प्रवक्ता, जीजीआईसी गौचर, चमोली

प्रारंभिक शिक्षा (12 शिक्षक)

  • महेश्वर प्रसाद सेमवाल – सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहेड़ी भिलंगना, टिहरी गढ़वाल
  • शशिकांत नौटियाल – सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ढौंडिक अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग
  • जहीर अब्बास – सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौड़ाकोट, चंपावत
  • नौ सिंह – सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सरवरखेड़ा द्वितीय जसपुर, ऊधमसिंह नगर
  • डॉ. श्वेता मजगाई – सहायक अध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय विजयपुर कोटाबाग, नैनीताल
  • विक्रम सिंह परिहार – सहायक अध्यापक, राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय मदकोट, पिथौरागढ़
  • त्रिलोक सिंह अधिकारी – सहायक अध्यापक, राजकीय जूनियर हाईस्कूल गवाड़ द्वाराहाट, अल्मोड़ा
  • पृथ्वी सिंह रावत – प्रधानाध्यापक, राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय उदकोटी पुरोला, उत्तरकाशी
  • वीरेंद्र सिंह रावत – सहायक अध्यापक, राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कण्डोली अपर, देहरादून
  • रोबिन कुमार – प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर, हरिद्वार
  • विष्णुपाल सिंह नेगी – प्रधानाध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटड़ी रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल
  • लखपत सिंह रावत – सहायक अध्यापक, राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल चोपता नारायणबगड़, चमोली

दोस्तो शैलेश मटियानी पुरस्कार उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर उत्कृष्ट शिक्षकों को दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय सम्मान है। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और संस्कृत शिक्षा के शिक्षकों को दिया जाता है, जिसमें नकद राशि, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ ही दो वर्ष का सेवा विस्तार भी मिलता है। दोस्तो इस सम्मन का मकसद शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है। वहीं आपको ये भी बता दूं कि हर एक जिले से शिक्षकों का चयन किया जाता है, जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक और संस्कृत शिक्षा के शिक्षक शामिल होते हैं और पुरस्कार उत्तराखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित समारोह में दिया जाता है। यह पुरस्कार प्रसिद्ध हिंदी कथाकार शैलेश मटियानी की स्मृति में दिया जाता है, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से पहाड़ के जीवन और संस्कृति को उजागर किया। इससे पहले पिछले साल दोस्तो 16 शिक्षकों को 2024 के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसमें 9 प्राथमिक, 5 माध्यमिक, 1 प्रशिक्षक और 1 संस्कृत शिक्षक शामिल हैं। दोस्तो शैलेश मटियानी आधुनिक हिन्दी साहित्य-जगत् में नयी कहानी आन्दोलन के दौर के कहानीकार एवं प्रसिद्ध गद्यकार थे उन्होंने ‘बोरीवली से बोरीबन्दर’ और ‘मुठभेड़’, जैसे उपन्यास, चील, अर्धांगिनी जैसी कहानियों के साथ ही अनेक निबंध और प्रेरणादायक संस्मरण भी लिखे हैं। उनके हिन्दी साहित्य के प्रति प्रेरणादायक समर्पण व उत्कृष्ट रचनाओं के फलस्वरूप आज भी उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में पुरस्कार का वितरण होता है।