Chardham Yatra 2022: 8 मई को इतने समय पर खुलेंगे श्री बद्री विशाल के कपाट, हो गई है प्रक्रिया शुरू

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उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज 3 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही हो गया। शुक्रवार को बाबा केदार के कपाट भी खुल गए। अब 8 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। शुक्रवार को बदरीनाथ के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल व अन्य वेदपाठियों के साथ नृसिंह मंदिर में पूजा अर्चना के बाद गुरू शंकराचार्य की डोली और गाडू घड़ा कलश यात्रा के साथ पांडुकेश्वर रवाना हो गए। आज योग ध्यान बदरी मंदिर से कुबेर जी व उद्धव जी की उत्सव डोली ​के साथ बद्रीनाथ के लिए रवाना होंंगे। 8 मई को सुबह सवा 6 बजे बद्रीनाथ के कपाट खोल दिए जाएंगे।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के विषय में मान्यता है कि भगवान बद्रीविशाल जी के महाभिषेक के लिए तिल का तेल प्रयोग करने की परम्परा है। इस तेल को टिहरी राजदरबार में सुहागिन महिलाओं द्वारा विशेष पोशाक पहन कर पिरोने के उपराऩ्त डिम्मर गाँव के डिमरी आचार्यों द्वारा लाए गए कलश में भर दिया जाता है जिसे गाड़ू घड़ा कहते हैं। इसी कलश को श्री बद्रीनाथ पहुँचाने की प्रक्रिया गाडू घड़ा कलश यात्रा कहलाती है। जोशीमठ पहुँचने के उपरान्त आदि गुरु शंकराचार्य की डोली भी इसी यात्रा के साथ योग ध्यान बद्री पाण्डुकेश्वर पहुँचती है। पाण्डुकेश्वर पहँचने के उपराऩ्त योग ध्यान बद्री में शीतकालीन प्रवास हेतु विराजमान भगवान उद्धव जी एवं भगवान कुबेर जी की डोली, शंकराचार्य जी एवं गाडू घड़ा कलश यात्रा के साथ श्री बद्रीनाथ जी के धाम के लिए पहुँचते हैं।

बद्रीनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन जोर-शोर से जुड़ा हुआ है। इससे पहले 2 वर्ष कोरोना वायरस की वजह से बद्रीनाथ धाम यात्रा नहीं चल पाई थी। जिसके कारण इस वर्ष यात्रा चरम पर रहेगी। वहीं, हजारों की संख्या में यात्री भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने के दौरान बद्रीनाथ धाम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान बिजली ,पानी, स्वास्थ्य और साफ-सफाई को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां कर ली है।