हरिद्वार: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) की लिखित भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक के आरोपी अनुभाग अधिकारी और भाजपा नेता सहित तीन आरोपियों को एसआईटी ने रविवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं, आरोपी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल की तलाश में एसआईटी उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह का कहना है कि विवेचना जारी है। आरोपी अनुभाग अधिकारी संजीव कुमार, एजेंट भाजपा नेता नितिन चौहान और सुनील सैनी को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया था। खुलासा किया था कि संजीव कुमार ने ही 28 लाख रुपये लेकर संजीव चतुर्वेदी को प्रश्नपत्र दिया था। इसके बाद चतुर्वेदी ने ही शिक्षक राजपाल की सहायता से प्रश्नपत्र को बाजार में उतारा था।
अब भाजपा के बाद मामले में देहात क्षेत्र के कुछ कांग्रेस नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। बहरहाल, अभी एसआईटी विवेचना में साक्ष्य एकत्र कर आगे बढ़ रही है। जांच में आगे कई बड़े नाम खुलकर सामने आ सकते हैं, लेकिन अभी एसआईटी से जुड़े आलाअधिकारी कुछ खुलकर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। एई-जेई के पेपर लीक प्रकरण में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल, भाजपा नेता नितिन चौहान की भूमिका सामने आने के बाद एसआईटी ने मुकदमा दर्ज कराया था। भाजपा नेता नितिन चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि एक अभी हत्थे नहीं चढ़ पाया। SIT अभी गठजोड़ का कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।