केदारनाथ मंदिर से 3 किमी ऊपर चोराबाड़ी झील, जिसे गांधी सरोवर भी कहा जाता है, उसके आस-पास नर कंकाल मिलने की सूचना मिली। Skeleton found near Chorabari lake चोराबाड़ी झील समुद्रतल से करीब 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जिसे वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है। आपदा के बाद से यहां यात्रियों का आना-जाना लगा हुआ है। कभी-कभार यात्रियों के यहां फंसने के बाद रेस्क्यू भी किया जाता है। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद अक्सर यहां यात्रियों का आवागमन होता है, जबकि प्रशासन की ओर से यहां आवागमन पर रोक लगाई गई है। पुलिस और YMF टीम ने कंकाल को कब्जे में लेकर केदारनाथ लाया और पहचान पत्र की मदद से मृतक की पहचान की।
केदारनाथ यात्रा के निरीक्षक राजीव चौहान ने बताया कि मृतक की पहचान नोमुला रोश्वन्थ के रूप में हुई है, जो कि तेलंगाना के जिला जगतियाल के राजेश्वरोपेट गांव का रहने वाला था। तेलंगाना पुलिस और परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि यह युवक 31 अगस्त 2024 से लापता था, और उसके परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजनों का कहना है कि आखिरी बार 30 अगस्त को उसका संपर्क हुआ था, जिसमें उसने खुद को उत्तराखंड में बताया था, जबकि वह घर से दिल्ली जाने की बात कहकर निकला था। बरामद कंकाल को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया है। परिजनों और स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।