चारधाम यात्रा के शुरू होने से पहले ही तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। यात्रियों की सुरक्षा, मार्गों की सुविधा और व्यवस्थाओं की स्थिति पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या इस चुनौती को समय रहते संभाला जा सकेगा? यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग अभी भी बर्फ से भरा हुआ, चारधाम यात्रा से पहले तैयारियों पर सवाल। Uttarakhand Chardham Yatra 2025 लोक निर्माण विभाग की धीमी रफ्तार और संसाधनों की कमी ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्या समय रहते यात्रा सुरक्षित और सुगम हो पाएगी? दोस्तो आप कितनी ही तैयारियों को दूरुस्त करने की बात कर लें लेकिन जमीनी हालात ये है कि बर्फ से पटा यमुनोत्री पैदल मार्ग, लकड़ी और फट्टों से हटा रहे मजदूर बर्फ उत्तराखंड में मार्च के महीने में बारिश और बर्फबारी ने मुसीबत बढ़ा दी है। एक ओर पर्यटकों के चेहरे खिले हुए हैं। बर्फ देखकर खुश हैं और जमकर मौज-मस्ती कर रहे हैं। वहीं बहुत से श्रद्धालु टेंशन में हैं। परेशानी उन श्रद्धालुओं के लिए है जो चार धाम यानी कि गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। दोस्तो मौसम अनुकूल रहने के बावजूद भी यमुनोत्री धाम का जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग बर्फ से पटा पड़ा है। ऐसे में चारधाम यात्रा को लेकर यमुनोत्री पैदल मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पैदल मार्ग पर तैनात मजदूर बर्फ हटाने के लिए फावड़े या जरूरी उपकरणों के बजाय लकड़ी और प्लाईवुड के फट्टों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। दरअसल, दोस्तो 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ होना है, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि यमुनोत्री पैदल मार्ग पर तैयारियां अभी भी काफी सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि कार्य में तेजी और संसाधनों की कमी बनी हुई है। यात्रा सीजन नजदीक आने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए समय रहते प्रभावी कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। विभागीय लापरवाही से धाम में अन्य कार्यों को करवाने के लिए वहां पहुंचना मुश्किल है, जिससे अन्य काम भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। दोस्तो यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहित की माने तो धाम के कपाट खुलने में कुछ ही समय बाकी रह गया है, लेकिन दोस्तो विभाग तेजी से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में काम समय पर पूरा नहीं किया गया तो आने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतें होगी। आरोप है कि विभाग यात्रा तैयारियों को गंभीरता से लेने के बजाय केवल खानापूर्ति कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब यात्रा शुरू होने में एक महीने से भी कम समय बचा है, तब इस धीमी रफ्तार से काम आखिर कैसे पूरा होगा।
वहीं अगर लोक निर्माण विभाग बड़कोट कहते हैं कि अगर ऐसा है तो मामले का संज्ञान लिया जाएगा और काम में लगे मजदूरों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके अलावा और मजदूरों की संख्या बढ़ाकर जल्द बर्फ हटाने के साथ ही अन्य कार्यों को शुरू किया जाएगा। दोस्तो चार धाम यात्रा से पहले बर्फबारी से मुसीबत! बद्रीनाथ-केदारनाथ में काम रुका, होटल-रिजॉर्ट वाले भी परेशा। दोस्तो दरअसल 19 अप्रैल से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। इन जगहों पर सड़क, बिजली, पानी, हॉस्पिटल और होटल-रेस्टोरेंट, ढाबे में मरम्मत का काम होना है, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते यह सब काम रुका हुआ है। अगर समय पर सड़क, बिजली और पानी का काम पूरा नहीं हुआ तो श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। वहीं बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है। उसके काम पर भी बर्फबारी का सीधा असर पड़ा है। वहां पर पिछले एक हफ्ते से काम रुका हुआ है, इसकी वजह भारी बर्फबारी है। बता दें कि 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. वहीं 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके साथ ही 23 को हेमकुंड साहिब के भी कपाट खोले जाएंगे। सरी तरफ केदारनाथ धाम में भी जबरदस्त बर्फबारी हुई है। केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है। ऐसे में वहां पर मार्च के महीने में दो बार जबरदस्त बर्फबारी होने की वजह से काम बिल्कुल रुका हुआ है। कई तस्वीरों में मौजूद पुलिसकर्मी वहां पर बर्फ हटाते हुए साफ देखे जा सकते हैं। बर्फ इतनी ज्यादा है कि फिलहाल वहां पर काम करना बहुत मुश्किल है। केदारनाथ धाम में 2013 में आई आपदा के बाद वहां लगातार पुनर्निर्माण का काम चल रहा है और काफी हद तक फेज वन का काम पूरा हो चुका है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी ने फिलहाल वहां काम में बाधा पैदा की हुई है।