अचानक कटा संपर्क Dehradun के परिवार में कोहराम! | Middleeast Tensions | Israel | Uttarakhand News

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दोस्तो, एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। ईरान में रह रहे वहाब ने फोन पर अपने पिता को कहा, “अब्बू, यहां हमले हो रहे हैं”, और इसके बाद उसका मोबाइल अचानक स्विच ऑफ हो गया। इस अचानक कटे संपर्क ने परिवार को तनाव और चिंता की स्थिति में डाल दिया है। इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे इलाके में बेचैनी और चिंता बढ़ा दी है। आखिर क्या हुआ देहरादून के उस युवक के साथ जो ईरान में है क्या परिवार का हाल बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो मौजूदा वक्त में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से खौफ का माहौल है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। इस युद्ध का असर भारत पर भी पड़ा है, जहां उत्तराखंड के कई लोग ईरान में फंसे हैं। देहरादून के वहाब से संपर्क टूटने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई है। जी हां दोस्तो ईरान पर अमेरिका और इजरायल की तरफ से हो रहे हमले के बाद लोगों को डर का माहौल है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत टॉप लीडर की मौत हो गई। वहीं इस युद्ध का असर कई अन्य देशों पर भी देखने को मिल रहा है। भारत के कई लोग इन देशों में फंसे हुए हैं, जिसकी वजह से इस युद्ध का असर देश के अगल-अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के रहने वाले कई लोग ईरान के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं।

इन्हीं में देहरादून के वहाब भी हैं जो ईरान में रहकर मौलवियत की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने फोन पर बात कर अपने पिता को आपबीती बताई है दोस्तो देहरादून के रहने वाले वहाब ने अपने पिता को फोन करते बताया कि अब्बू यहां हमला हो गया है। यहां नेट बंद होने की वजह से संपर्क टूट सकता है, इसलिए आप परेशान मत होना। दोस्तो देहरादून का युवक बस इतना ही कह पाया था कि उसका फोट कट गया और उसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। इसके अलावा युवका ने ये बताया कि अमेरिका की तरफ से यहां हमला किया जा रहा है, हो सकता है कि नेटवर्क न रहे, लेकिन आप परेशान मत होना जैसे ही नेटवर्क आएंगी हम यहां के हालात के बारे में आपको बताएंगे लेकिन क्या फिर कोल आया या फिर नहीं। दरअसल दोस्तो देहरादून के चूना भट्टी के इलाके में वहाब का परिवार रहता है। उन्होंने घबराई हुई आवाज में अपने पिता से बात की और ईरान पर हुए हमले की बारे में जानकारी दी।वहाब ईरान के कुम शहर में रह रहे हैं, वहीं से वो मोलवियत की पढ़ाई कर रहे हैं. हालांकि, वहाब ने अपने पिता मौलाना रिवायत अली से जब से बात हुई उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका, जिसके बाद से परिवार के लोग पेरशान है। दोस्तो इधर बेटे से बात नहीं हो पाने की वजह से रिवायत अली की परेशान है, उनकी बेचैनी बढ़ गई है। उनको हर वक्त अपने बेटे की याद सता रहा है। वो बताते है कि उनका बेटा वहाब पिछले 8 साल से ईरान के कुम शहर में रहकर मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है। हम अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि वो मेरे बेटे और वहां को लोगों को सलामत रखे।

इसके अलावा, दोस्तो रियाद में देहरादून के समद रह रहे हैं उन्होंने अपने परिजनों से फोन पर बताया कि जहां वो रह रहे हैं, वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर अमेरिकी बेस पर हमला हुआ है। वहीं एक अन्य भारतीय मूल के दुबई में रहने वाले वरुण ने बताया कि हमले के दौरान सायरन बज रहे हैं, लोगों को बाहर निकलने से मना किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सब यहां सुरक्षित हैं और सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन कर रहे हैं। दोस्तो, ईरान में अमेरिकी और इजरायली हमलों के बीच उत्तराखंड के कई लोग, खासकर देहरादून के वहाब जैसे छात्र, खतरे की स्थिति का सामना कर रहे हैं। वहाब ने अपने पिता को फोन पर बताया कि हमला हो गया है, लेकिन इसके बाद संपर्क कट गया, जिससे परिवार और आसपास के लोगों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। दोस्तों मौलाना रिवायत अली जैसे परिवार अब हर समय बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं। वहीं, अन्य भारतीय नागरिक जैसे रियाद और दुबई में रहने वाले लोग भी सतर्क हैं और सरकार की सुरक्षा एडवाइजरी का पालन कर रहे हैं। दोस्तो, यह घटना हमें याद दिलाती है कि युद्ध और हमले सिर्फ वहां मौजूद लोगों ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और देशवासियों के लिए भी चिंता और अनिश्चितता लेकर आते हैं। ऐसे समय में हर किसी की निगाहें सुरक्षा तंत्र और विदेश मंत्रालय की मदद पर टिकी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वहाब और वहां फंसे सभी भारतीय सुरक्षित रहें और जल्द अपने परिवार से संपर्क कर सकें।