राजधानी देहरादून में बीती रात से हो रही बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। बारिश के कारण इस बार देहरादून जिले में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। जैसे-जैसे नदियों को पानी उतर रहा है, तबाही का मंजर भी साफ दिख रहा है। Disaster Like Situation Dehradun ऐसे में प्रशासन लगातार ग्रामीणों को राहत देने का काम करने में जुटी है। प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव कार्य के साथ ही अब मूलभूत सुविधाओं को पटरी पर लाने की चुनौती है। देहरादून के सबसे दुर्गम आपदाग्रस्त क्षेत्र फुलेत में सरकार के प्रथम रिस्पांडर के रूप में डीएम सविन बंसल पैदलही गांव पहुंचे हैं। अभी तक गांव में प्रशासन द्वारा हेली सेवा के माध्यम से राशन पहुंचाई जा रही थी। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी छमरौली तक दुर्गम रास्तों और छमरोली से लगभग 12 किमी पैदल रूट से डीएम प्रशासनिक अमले के संग फुलेत पहुंचे।
पैदल रूट नाप कर डीएम ने आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। ग्राउंड जीरो पर प्रशासनिक अमले के साथ डीएम सविन बंसल डटे हुए हैं। डीएम के निरीक्षण में पता चला कि पुलिया, पुल, सड़क पगडंडी सब आपदा में धुल गई। इस बीच डीएम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत गांव पंहुचकर डीएम ने जनता की समस्याएं सुनीं। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस घडी में पूरा प्रशासन हर पल प्रभावितों के साथ है। उन्होंने भूमि कटाव, फसल क्षति, भवन क्षति, पशु हानि आदि का आकलन करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित रूप से रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।