देहरादून: जोशीमठ में मकानों में दरारें और जमीन के धसान ने हालात बिगाड़कर रख दिए हैं। भारत ही नहीं, सारी दुनिया की नजरें इस समय जोशीमठ पर टिकी हुई हैं। हालात इतने खराब हैं कि पूरे के पूरे जोशीमठ को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की नौबत आ गई है। हालात को देखते हुए सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। लेकिन, ऐसे में ये देखना भी जरूरी है कि जोशीमठ जैसे हालात और कौन से हिल स्टेशनों पर बन रहे हैं। जोशीमठ जैसे हालात मसूरी में भी बन रहे हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी जोशीमठ तस्वीरें सामने आने के बाद वैज्ञानिकों की एक टीम ने मसूरी का दौरा किया।
भू-धंसाव को लेकर भू वैज्ञानिकों और भू तकनीकी भू सर्वेक्षण समिति के सदस्यों ने मसूरी के लंढौर बाजार और साउथ रोड क्षेत्र का सर्वे किया। यह टीम इस सर्वे के आधार पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपेगी। इसी के बाद मसूरी में नए निर्माण को लेकर निर्णय लिया जाएगा। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि मसूरी में भू-धंसाव संभावित क्षेत्र का सर्वे किया गया। अब टीम इस सर्वे के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें विशेषज्ञ सुझाव देंगे कि भू-धंसाव से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नए निर्माण पर रोक लग सकती है, लेकिन सब जगह रोक लगे ऐसा संभव नहीं है।