जी हां उत्तराखंड से अंकिता केस में बड़ी खबर, जहां एक तरफ बीजेपी प्रभारी ने ठोका केस तो इधर उर्मिला सनावर ने भी पेश कर दिए सबूत, क्या अब वीआईपी से उठ जाएगा पर्दा। क्या खत्म हो जाएगा आशंकाओं का शोर बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। Uttarakhand Ankita Bhandari Case अंकिता केस एक बार फिर सियासी और कानूनी तूफान के केंद्र में है। बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने जहां साजिश का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया। वहीं उर्मिला सनावर ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो इस पूरे मामले की दिशा ही बदल सकते हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने हलचल बढ़ा दी है—सवाल ये कि सच क्या है, साजिश कौन कर रहा है, और क्या अंकिता केस में अब उठेगा किसी बड़े नाम से पर्दा? दोस्तो उत्तराखंड में 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी मामले में नाम जुड़ने के बाद बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर की। दुष्यंत गौतम की मानहानि याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई के बाद क्या रुख रहता है वो भी बताउंगा लेकिन उससे पहले आप ये जान लीजिए कि इस केस में क्या दावा कियागया है। दोस्तो दुष्यंत गौतम ने याचिका दायर कर मांग की है कि अंकिता भंडारी मामले से उनका नाम जोड़े जाने वाले कंटेंट को हटाया जाए. साथ ही दो करोड़ रुपए के हर्जाने की भी मांग की है।
इतना ही नहीं दोस्तो बीजेपी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने याचिका में ये भी कहा है कि, 24 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर उनकी मानहानि करने वाला वीडियो अपलोड किया गया जो वायरल हो गया। इस वीडियो में झूठे तरीके से एक नैरेटिव तैयार किया गया और उस घटना से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की गई। याचिका में कहा गया है कि इस मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसियों ने कभी भी उनका नाम नहीं लिया। इसके अलावा दुष्यंत गौतम की याचिका मे ये कहा गया कि अंकिता भंडारी मामले में जो अभियान चलाया जा रहा है वो फेक न्यूज की श्रेणी में आता है। इस अभियान के जरिये राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है दोस्तो यहां आपको बता दूं कि अंकिता भंडारी मामले में ताजा वीडियो को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए कई एफआईआर दर्ज पहले की जा चुकी हैं। उधर दूसरी एक और तस्वीर सामने आई जब एक तरफ दुष्यंत गौतम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे थे तभी तकरीबन एक हफ्ते बाद सोसल मीडिया में उर्मिला सनावर की एंट्री हुई, जहां उन्होंने एक पोस्ट कर सबूत होने का दावा करते हुए सुरक्षा की मांग की। वहीं एक वीडियो जारी कर प्रदेश के मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई कहा वो जांच में सहयोग के लिए तैयार है। इसके अलावा एक कॉल रिकॉर्डिंग भी सर्वजनी की जिसमें ये कहा गया कि उत्तराखण्ड की जनता ये सबसे बड़ा सबूत है ये रिकॉर्डिंग और उसकी डेट किस दिन ये रिकॉर्डिंग मेरे फोन में आई क्योंकि मेरे फोन के साथ कुछ छेड़छाड़ हो उससे पहले वो इस रिकॉर्ड़िंग को जनता के सामने रख रही हैं।
दोस्तो सितंबर 2022 में उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में 19 वर्षीया रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि अंकिता भंडारी को रेस्टोरेंट के मालिक पुलकित आर्य ने एक मेहमान के साथ यौन संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया था। पुलकित आर्य के पिता पूर्व बीजेपी नेता थे। अंकिता भंडारी का शव एक नहर से बरामद किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने पुलकित आर्य और दो अन्य को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई और वो जेल में है। इस मामले में ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी पर बीजेपी के बड़े नेता के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव था। सनावर के वीडियो क्लिप में कहा गया है कि सुरेश राठौर ने ये सुना था कि बीजेपी का वो बड़ा नेता दुष्यंत गौतम थे। बाद में राठौर ने कहा कि वो वीडियो क्लिप एआई से तैयार किया गया था जो बीजेपी को बदनाम करने के लिए जारी किया गया, तब से लेकर प्रदेश में उर्मिला को न्याय को लेकर उत्तराखंड की जनता सड़क पर है।