बैठकों की चर्चा तक ही सीमित रही Dehradun Traffic सुधार की बात, CS ने दोहराये पुराने निर्देश

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देहरादून: राजधानी देहरादून में ट्रैफिक के हालात दिनोंदिन बिगड़ रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब मुख्य सचिव हर दूसरे-तीसरे महीने में यातायात को बेहतर करने के निर्देश दे रहे हैं। सचिवालय में आज भी मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने एक बार फिर अधिकारियों की बैठक लेकर वही पुराने निर्देश दे दिए। मुख्य सचिव का ना तो तीन ई का फार्मूला काम करता नजर आ रहा है और ना ही यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी की बैठक को नियमित करने का सुझाव। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने कहा कि शहर के ट्रैफिक जाम को कम करने की दिशा में लगातार अनुश्रवण प्रणाली की देखरेख के लिए यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी (UMTA) हर 15 दिन में बैठक आयोजित कराएगी। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पर जोर देना होगा। इसके लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए। साथ ही वाहनों की टाइमिंग भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने प्रत्येक बस स्टॉप पर अगली आने वाली बस के पहुंचने का समय भी डिस्पले किया जाए। इसके लिए एक सिस्टम तैयार किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए तीन ई इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट और एजुकेशन पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। जहां पर इंजीनियरिंग से यातायात में सुधार हो सकता है, तुरंत शुरू किया जाए। जाम को रोकने के लिए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नो पार्किंग एरिया में गाड़ी पार्क करने वालों पर अधिक से अधिक चालान किए जाएं। इसके लिए ड्रोन कैमरों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि शहर में स्कूल बसों से लगने वाले जाम को कम करने के लिए प्रत्येक स्कूल में जाकर वहां की परिस्थितियों के अनुसार अलग प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्ड पर यातायात कंट्रोल के लिए ट्रेफिक पुलिस काम कर रही है। ट्रेफिक को सुधारने के लिए सबसे अच्छा फीडबैक इन्हीं से मिल सकता है। इसके लिए ट्रेफिक फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए।