उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा फिर विवादों में घिरी है, और घिरी ही रही हमेशा। UKSSSC पेपर लीक मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं—सबसे पहला प्रश्न पत्र आखिरकार कहाँ पहुंचा था?और क्या सचमुच ये पेपर किसी महिला के पास जाकर लीक हुआ?क्या ये सिर्फ एक केस है या एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? UKSSSC Exam Paper Leak Case इन सवालों के बीच आयोग चुप्पी टूटी तो वो भी सवालों के घेरे में आ गई। दोस्तो मामला बेहद गंभीर है और खबर अहम है इसलिए अंत तक वीडियो में बने रहिएगा तो दोस्तो उत्तराखंड में 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित हुई, लेकिन उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने पेपर लीक होने का दावा किया। साथ ही प्रश्न पत्रों से जुड़े स्क्रीन शॉट्स भी शेयर किए, जिससे आप अपने स्क्रिन पर दख रहे है, जिससे आयोग में हड़कंप मच गया वहीं, आनन-फानन में इस संबंध में आयोग ने एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। उधर, देर शाम एसएसपी और आयोग के अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर कई अहम जानकारियां साझा की। साथ ही कई खुलासे भी किए हैं।
दरअसल, दगड़ियो उत्तराखंड स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक: सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था है। रविवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा स्नातक स्तरीय पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई, जिसने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर परीक्षा के कुछ प्रश्न पत्रों के फोटो और स्क्रीन शॉट वायरल हो गए, जिससे पेपर लीक का आरोप लगा और जब जांच हुई तो जांच में सामने आया ये सच जो मै आगे आपको बताने जा रहा हूं। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की गई, जिसने मामले की शुरुआती जांच की। टीम ने पाया कि किसी संगठित गिरोह या बड़े नकल माफिया की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस को यह जानकारी मिली कि परीक्षा के एक केंद्र से किसी व्यक्ति द्वारा प्रश्न पत्र के कुछ प्रश्नों की फोटो लेकर भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सबूत जुटाए हैं, और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। बड़ा सवाल ये भी है और आप भी सोच रहे होंगे पेपर लीक कब और कैसे हुआ?पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के शुरू होने से पहले यानी सुबह 11 बजे तक किसी भी जिले से प्रश्न पत्र लीक होने की कोई सूचना नहीं मिली थी, लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद, करीब 1:30 बजे यह खबर आई कि सोशल मीडिया पर कुछ प्रश्नों के फोटो और स्क्रीनशॉट सुबह 11:35 बजे आउट किए जाने की बात फैल रही है।
सवाल जो खड़े हो रहे हैंअगर सुबह 11 बजे तक कोई सूचना नहीं थी, तो फिर 11:35 बजे अचानक प्रश्न पत्र कैसे आउट हो गया?प्रश्न पत्र की फोटो लेने वाला व्यक्ति कौन था और उसने यह कैसे संभव किया?परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे रही कि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र की फोटो ले सका?क्या परीक्षा केंद्रों में लगे जैमर या अन्य सुरक्षा उपकरण सही से काम कर रहे थे क्या यह एक अकेला व्यक्ति था या कहीं कोई बड़ी साजिश छुपी है?आयोग और पुलिस की जांच पूरी पारदर्शिता से क्यों नहीं हो रही?युवाओं के भविष्य के साथ ये खिलवाड़ कब रुकेगा?ये घटना परीक्षा व्यवस्था में खामियों को उजागर करती है। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे जरूरी है क्योंकि इससे लाखों युवाओं का भविष्य जुड़ा होता है। आयोग और पुलिस को चाहिए कि वे पूरी पारदर्शिता से जांच करें और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाएं ताकि युवाओं का विश्वास बचाया जा सके, साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।