उत्तराखंड में मौसम का कहर, मकान ढहने से मलबे में जिंदा दफन हुई महिला, तो कही रातभर रास्तों पर फसे रहे यात्री

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Uttarakhand Weather: प्रदेश के भारी बारिश के मद्देनजर मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच बुधवार रात हुई बारिश तबाही लेकर आई। उत्तरकाशी चिन्यालीसौड में ग्राम कुमराडा के मुंडरा थोला तोक में एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने से भडडू देवी पत्नी जुरूलाल उम्र 75 की मलबे में दबने से मौत हो गई। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग फाटा के समीप तरसाली में भारी मलबा आने से बाधित हो गया है, जिस कारण वाहनों की दो तरफा लंबी कतार लग गई है।

प्रशासन और पुलिस द्वारा केदारनाथ यात्रा के यात्रियों को नजदीकी स्थानों पर रूकने के लिए कहा जा रहा है। बुधवार देर शाम को हुई तेज बारिश से लगभग छह बजे हाईवे तरसाली के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और पेड़ों के गिरने से बंद हो गया। इस दौरान एनएच द्वारा मलबा सफाई का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, मौसम ठीक रहा तो बृहस्पतिवार को राजमार्ग को बहाल किया जा सकता है। इसलिए, केदारनाथ जाने वाले व दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों को नजदीकी स्थानों पर रुकने के लिए कहा जा रहा गया

वही उत्तरकाशी के गंगा घाटी में भारी वर्षा के कारण बुधवार रात को गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्गू गाड़ के बीच अवरुद्ध हो गया। लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राजमार्ग को सुचारू करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण सुनगर व गंगनानी में करीब डेढ़ हजार तीर्थयात्रियों फंस गए हैं। वहीं, प्रशासन ने भारी वर्षा के बीच तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने का दावा किया है। गंगोत्री राजमार्ग हेल्गू गाड़ पर एक माह पहले सक्रिय हुआ भूस्खलन जोन लोगों के लिए नासूर बन गया है। मंगलवार दोपहर से लेकर रात दस बजे तक राजमार्ग उक्त स्थान पर अवरुद्ध रहा। बुधवार सुबह मार्ग खोला गया है कि लेकिन रात करीब 11 बजे बारिश के बाद भूस्खलन जोन फिर सक्रिय हुआ। इसके बाद लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे।