नया साल आने को है, लेकिन जाते हुए साल 2022 की बात करें तो सड़क हादसों के लिहाज से ये साल बेहद खराब रहा है। दरअसल, उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या इस साल ज्यादा है। 20 फीसदी मौतों में बढ़ोतरी देकर ये साल काफी दर्द दे गया है। उत्तराखंड में इस साल सड़क हादसों में इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो हर दिन सड़क हादसों की वजह से तीन लोगों की मौत हुई है। जबकि प्रतिदिन तीन लोग इन हादसों में घायल होते हैं। बीते पांच सालों के डेटा के आधार पर देखें तो मरने वाले लोगों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो चिंताजनक है। डीजीपी अशोक कुमार ने भी कहा कि ये साल सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से ख़राब रहा है।
राज्य में पिछले 5 सालों के आंकड़ों पर एक नज़र डाल लेते हैं, तो पता चलता है कि साल 2018 में 1468 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी और 1,047 मौतें हुई। वहीं अगर साल 2019 की बात करें तो इस साल 1,352 सड़क दुर्घटनाएं और 867 मौतें हुई थी। इसी के साथ साल 2020 में 1,041 सड़क दुर्घटनाएं और 674 मौतें हुई थी। साल 2021 के आंकड़ों की बात करें तो साल 2021 में 1,405 सड़क दुर्घटनाएं और 820 मौतें हुई थी। वहीं इस साल 2022 नवंबर तक 1516 सड़क दुर्घटनाएं और 1022 मौतें हुई हैं जो कि पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा है। हर साल जहां सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की बात होती है, लेकिन साल दर साल ये बढ़ते हुए आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। पांच सालों में, प्रदेश में करीब 6,700 हादसे और जिनमें लगभग 4,400 लोगों की मौत हुई, इसका कारण सड़क दुर्घटनाएं हैं।