जी हां दोस्तो उत्तराखंड के सर्द मौसम में अंकिता हत्याकांड की गूंज दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे में तक सुनाई दे रही है, अब तो लोग नारा लाग रहे हैं जब तक जांच नहीं तक आराम नहीं, कैसे अंकिता केश में वीआईपी के नाम के शोर के उत्तराखंड के बड़े नेता तोड़ी चुप्पी और कैसे हाथ में न्याय की मसाल और जुबान पर सवाल लेकर उतरे सड़क पर बताउंगा आपको पूरी खबर। Ankita Bhandari Murder Case जी हां दो्स्तो उत्तराखंड की राजनीति में गरमाई हलचल। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी प्रकरण को लेकर हरिद्वार में निकला बड़ा मार्च, सैकड़ों लोगों ने मोमबत्ती हाथ में लेकर हरकी पैड़ी तक नारेबाजी की और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई। दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने हरिद्वार में बड़ा कैंडल मार्च निकाला। सीनियर कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए। साल के पहले दिन की शाम पर हरिद्वार के ललतारों पुल से हर की पैड़ी तक सैकड़ो कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने हाथ में मोमबत्ती लेकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में चर्चित वीआईपी प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की और जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान एक तरफ मार्च की चर्चा थी तो वहीं अब हरक सिंह रावत का बयान चर्चा में है।
दोस्तो इस दौरान जहां अंकिता केस में वीआईपी वाले मसले पर जहां बीजेपी वाले ना के बराबर बोल रहे है। वहीं कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत हरिद्वार में खूब बोले साथ मांग को दोहराते हुए कहा कि पूरे मामले की जज की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए और हत्याकांड में शामिल वीआईपी प्रकरण से पर्दा उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह निर्भया मामले में पूरा देश सड़कों पर आ गया था, उसी तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में जनता में आक्रोश है और कांग्रेस भी इस लड़ाई को लड़ रही है। दोस्तो बता दूं वाल्मीकि चौक से हरकी पैड़ी तक निकाले गए कैंडल मार्च में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता भी शामिल रहीं। कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई। यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि बीजेपी नेता स्वयं इस मामले में अपने नेताओं का नाम खोल रहे हैं। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के ऑडियो में जिन वीआईपी नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। उनकी सीबीआई जांच के साथ साथ नारकोटेस्ट होना चाहिए. आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अपने नेताओं को बचाने का कार्य कर रही है। कांग्रेस उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत है। वैसे दोस्तो ये सीबीआई जांच की मांग तो पहाड़ से लेकर मैदान तक हो रही है, लेकिन कब होगी पता नहीं होगी भी या नहीं कैसे वीआईपी वाले प्रकरण का अंत होगा कोई नहीं जानता।
दोस्तो बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। हालांकि पुलिस ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ मुकदमे तक दर्ज कर लिए, लेकिन कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। जगह जगह धरने प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। पार्टी के बड़े लीडर भी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार के देवपुरा स्थित डीएम कैंप कार्यालय पर धरना दिया था। दोस्तो ऑडियो वायरल होने के बाद एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले के अलग अलग थानों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा उनके खिलाफ पहले से ही ज्वालापुर कोतवाली में दर्ज है। इसलिए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने इन सभी मुकदमों की जांच के लिए एसपी सिटी अभय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। दोस्तो यहां बाकायदा पुलिस द्वारा उर्मिला सनावर को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं पूर्व विधायक सुरेश राठौर के निवास पर भी नोटिस चस्पा किया गया था। नोटिस का उचित जवाब न मिलने पर पुलिस दोनों के खिलाफ जल्द कार्रवाई भी कर सकती है। वैसे बता दूं की ना उर्मिला सनावर को पता है और ना ही बीजेपी के पूर्व विधायक सरेश राठौर कहां कोई नहीं जानता और ना ही कोई वीडियो इन दोनों द्वारा बीते कुछ दिनों में सामने आया है, लेकिन दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड और वीआईपी प्रकरण ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस का सड़कों पर दबाव और सीबीआई जांच की मांग अब और तेज हो गई है। देखना होगा कि क्या यह कैंडल मार्च और लगातार उठ रही आवाज़ें सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर कर पाएंगी।