गौरवान्वित पल: उत्तराखंड के छोटे से गांव की इस बेटी ने फतह किया माउंट एवरेस्ट, पहले भी कई पर्वतों पर लहरा चुकी हैं तिरंगा

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उत्तरकाशी: कहते है न कुछ करने का जज्बा हो और हौसलों में उड़ान हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। इस बात को सिद्ध कर दिखाया है। उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी की भटवादी ब्लॉक के लौंथरु गांव की सविता कंसवाल ने 24 वर्ष की आयु में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट (8848.86 मीटर) का सफल आरोहण किया है। इससे पहले भी कई चोटियों पर फहरा चुकी हैं तिरंगा। साथ ही समाज में उन लोगों के लिए एक मिसाल भी पेश की है जो कहते है कि छोटे गांव के लोग कुछ नहीं कर सकती।

बता दे, 24 वर्षीय सविता कंसवाल ने 12 मई 2022 की सुबह सविता कंसवाल सहित अन्य तीन लोगों ने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। सविता के सफल एवरेस्ट आरोहण की जानकारी नेपाल के प्रसिद्ध शेरफा बाबू ने इंटरनेट मीडिया पर साझा की है। सविता अभी तक माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) नेपाल , ल्होत्से (8516 मीटर) : नेपाल, त्रिशूल (7120 मीटर) : उत्तराखंड, हनुमान टिब्बा (5930 मीटर) : हिमाचल प्रदेश, कोलाहाई (5400 मीटर) : जम्मू-कश्मीर, द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) (5680 मीटर) : उत्तराखंड, तुलियान (5500 मीटर) : जम्मू-कश्मीर, लाबूचे (6119 मीटर) : नेपाल, चंद्रभागा (6078 मीटर) : हिमाचल प्रदेश आदि चोटियों को छू आई है। वह माउंट ल्होत्से पर तिरंगा लहराने वाली भारत की दूसरी महिला पर्वतारोही है।

उत्तरकाशी जनपद के भटवाड़ी ब्लाक के लौंथरू गांव निवासी सविता कंसवाल का बचपन काफी आर्थिक तंगी में गुजरा है। चार बहनों में सविता सबसे छोटी है, लेकिन सविता ने अपने बुजुर्ग पिता राधेश्याम कंसवाल और मां कमलेश्वरी देवी को कभी पुत्र की कमी महसूस नहीं होने दी। उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि प्रदेश में भी खुशी की लहर है। हर कोई सविता पर गर्व कर रहा है।