बनभूलपुरा एक्शन से जुड़े 3 बड़े खुलासे Haldwani | Uttarakhand News |

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दोस्तो एक बार फिर हद्वानी के बनभूलपूरा पर प्रशासन ने अपनी नजर टेडी की है। दोस्तो जहां बीते कुछ दिनों से बनभूलपूरा से कोई खबर नहीं आई, क्यों अवैध जमीन कब्जे को लेकर भी कोई फैसला हो नहीं सका है, तो ऐसे में कसरत लगातार पुलिस और जिला प्रशासन की हो रही रही है। अब कैसे हुआ है बनभूलपूरा में बड़ा एक्शन, कैसे क्रिमिनल हिस्ट्री पड़ गई भारी, कौन वो लोग हैं जिन पर शिकंजा कसा जा रहा है और क्यों बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो नैनीताल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और पब्लिक सेफ्टी के मामले में बड़ा कदम उठाया है। बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के पांच ऐसे लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिन पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल ने साफ़ किया कि यह कार्रवाई भविष्य में होने वाले अपराध को रोकने और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के मकसद से की गई है। आइए, जानते हैं किन पर है आरोप और क्यों हुआ यह सख्त फैसला। दोस्तो नैनीताल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और पब्लिक सेफ्टी के मामले में बड़ा कदम उठाया है। बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के पांच ऐसे लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिन पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल ने साफ़ किया कि यह कार्रवाई भविष्य में होने वाले अपराध को रोकने और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के मकसद से की गई है। किन पर है आरोप और क्यों हुआ यह सख्त फैसला ये सवाल है दोस्तो नैनीताल जिले में कानून-व्यवस्था और पब्लिक सेफ्टी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने पांच लोगों के आर्म्स लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। यह कार्रवाई बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में दर्ज आपराधिक मामलों के आधार पर की गई है।

नैनीताल के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल ने साफ़ किया कि यह कदम पब्लिक पीस बनाए रखने और होने वाले क्राइम को रोकने के मकसद से उठाया गया है। SSP और एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल से मिली रिपोर्ट के आधार पर क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों के आर्म्स लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, साजिद नबी पुत्र रहमत नबी निवासी आजाद नगर, थाना बनभूलपुरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत तीन मामले दर्ज हैं। मो. उस्मान, पुत्र इश्तियाक अहमद, निवासी लाइन नंबर 18, बनभूलपुरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत तीन मुकदमे पंजीकृत हैं। गुफरान, पुत्र मो. हाजी, निवासी लाइन नंबर 6, आज़ाद नगर, बनभूलपुरा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के अंतर्गत तीन मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अब बात आती है सख्त एक्शन की जी हां दोस्तो प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हूं शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए, कुछ नाम औऱ हैं जिनपर प्रशासन की नजर है। जो लोग कभी माहौल को खराब कर सकते हैं उनके खिलाफ अब शिकंजा कसा जा रहा है। शाकिर हुसैन, पुत्र साबिर हुसैन, निवासी लाइन नंबर 10, आज़ाद नगर, बनभूलपुरा के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। जहीर, पुत्र खालिद हुसैन, निवासी लाइन नंबर 5, बनभूलपुरा के विरुद्ध रतीय दंड संहिता, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि हुई है।

दोस्तो इन सब बताओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ने संबंधित सभी व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। डीएम ललित मोहन रयाल ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगीn ल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई है. 30.04 हेक्टेयर रेलवे भूमि पर बने 4365 अतिक्रमणों और वहां रहने वाले 50 हजार से ज्यादा लोगों के भविष्य का फैसला इस सुनवाई में तय होना है। इलाके में तनाव की वजह सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं है, फरवरी 2024 में भड़की हिंसा की टीस आज भी उस इलाके में ताजा है। यह विवाद हल्द्वानी (उत्तराखंड) में रेलवे की जमीन पर वर्षों से हुए अतिक्रमण को लेकर है। हाईकोर्ट ने 2007 में पहली बार अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन कार्रवाई अधूरी रहीनं2016 में कोर्ट ने फिर रेलवे को निर्देश दिए, पर अतिक्रमण नहीं हटा. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां प्रभावितों के पुनर्वास की मांग उठी. लगभग 30 एकड़ जमीन और 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं नफरवरी 2024 की घटना इस पूरे मामले को और संवेदनशील बनाती है। 8 फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में नगर निगम ने ‘अवैध’ मस्जिद को ध्वस्त किया, इस कार्रवाई को लेकर भारी विरोध हुआ। अतिक्रमण हटाने के नोटिस के खिलाफ भीड़ इकट्ठा हुई और देखते ही देखते माहौल बेकाबू हो गया।

पुलिस पर पथराव, आगजनी, सरकारी वाहनों को फूंकने और गोलीबारी तक की नौबत आ गई। कई लोगों की जान गई. उपद्रवियों ने पुलिस थाने और सरकारी संपत्ति पर हमला किया, जिसके बाद पूरा हल्द्वानी कर्फ्यू जैसी स्थिति में पहुंच गया। हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, वहीं बड़ी संख्या में लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए। दोस्तों, आज हमने देखा कि नैनीताल प्रशासन कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा को लेकर कितना सख्त कदम उठा रहा है। बनभूलपुरा क्षेत्र में आपराधिक मामलों में लिप्त पांच लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द करना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रायल ने साफ कर दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, साथ ही हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि कानून का शासन और आम जनता की सुरक्षा ही सर्वोपरि है। फरवरी 2024 की हिंसक घटनाओं की याद और आज की सख्त कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन ने अब कानून और व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दे दिया है। दोस्तों, चाहे मामला आर्म्स लाइसेंस रद्द करने का हो या अतिक्रमण हटाने का, एक बात साफ है – कानून के रास्ते में कोई भी व्यक्ति या समूह पारंपरिक आदेशों और नियमों से ऊपर नहीं है। यही वह सख्ती और जवाबदेही है, जो भविष्य में किसी भी तरह की अराजकता और अपराध को रोकने में मदद करेगी।