उत्तराखंड बजट सत्र का आज दूसरा दिन, 600 से ज्यादा सवालों से गरमाएगा सदन

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उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस दृष्टि से चुनावी साल में सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य जोरआजमाइश प्रारंभ हो गई है, जो ग्रीष्मकालीन राजधानी गैंरसैण में सोमवार से प्रारंभ होने वाले बजट सत्र में भी दिखने के आसार हैं। Second Day Of Assembly Proceedings इसके लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने ही अपने-अपने तरकश में तीर तैयार किए हैं। सोमवार को पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। पिछले बजट की तुलना में इस बार के बजट में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। आज दूसरे दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और कैग की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इसके साथ ही 4 अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। कल सत्र के पहले दिन सड़क से सदन तक विपक्ष ने खूब हंगामा किया। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया वहीं सड़कों पर भी प्रदर्शन किया। विपक्ष सदन की समययावधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। वहीं, आज भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

अगले विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण माने जा रहे वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हर वर्ग का खास ख्याल रखा गया है। अवस्थापना विकास को लेकर डबल इंजन की शीर्ष प्राथमिकता का बजट पर स्पष्ट प्रभाव है। सीएम धामी द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने प्रेस नोट जारी किया है। उन्होंने बजट को दिशाहीन, निराशाजनक और जमीनी सच्चाइयों से कटा हुआ बताया। यशपाल आर्या ने कहा- प्रस्तुत राज्य सरकार का बजट पूरी तरह निराशाजनक, दिशाहीन और जमीनी सच्चाइयों से कटा हुआ है। यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी और पुराने वादों की पुनरावृत्ति भर है। केंद्रीय सहायतित योजनाओं पर आश्रित इस खोखले बजट में नई सोच, ठोस योजनाओं और दूरदर्शिता का पूर्ण अभाव दिखाई देता है। यह बजट जनता के साथ एक और छलावा है। युवाओं, किसानों, व्यापारियों, मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग—सभी को इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है। बजट में कुछ भी नया नहीं है। सरकार ने पुरानी बोतल में नया शरबत परोसने का प्रयास किया है और जादुई आंकड़ों के सहारे विकास का भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई है।