देहरादून के नगर निगम की लापरवाही व सुस्त कार्यप्रणाली किसी से छुपी नहीं है। एक तरफ राजधानी देहरादून के ट्रैफिक से आम जनता को निजात दिलाने व सड़क को चौड़ा करने के लिए नगर निगम व दून पुलिस द्वारा अवैध अतिक्रमण व सड़क के बीचों बीच स्थित पुलिस बूथ को हटा दून के ट्रैफिक को काफी हद तक कम करने के प्रयास किये जा रहे है। देहरादून के यातायात कर्मी विजय प्रसाद रतूड़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। विजय रतूड़ी एक बार फिर नगर निगम को आईना दिखा रहे है। सोशल मीडिया पर उनकी रिस्पना पुल पर गड्ढों के किनारे ईट लगाते फोटो वायरल हो रही है।
बता दे, रिस्पना पुल पर यातायात कर्मी विजय प्रसाद रतूड़ी की ड्यूटी थी। उन्होंने देखा की बूथ की जगह हुए गड्डे से वाहन चालक परेशान हो रहे है। गड्ढे से बचने के लिए वाहन चालक अचानक कट मारते दिखे। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना है। ट्रैफिक कांस्टेबल विजय रतूड़ी से लोगों की परेशानी नहीं देखी गई। उन्होंने गड्ढे के किनारे आसपास से ईंटें उठाई और गड्ढा भर दिया। यह देख जनता ने भी उनका हौसला बढ़ाया।
यह प्रयास भले ही पर्याप्त न हो, लेकिन सिस्टम को यह बताने के लिए काफी है कि बूथ उखाड़ने के बाद हुए गड्ढों को भरने की आवश्यकता है। वैसे तो सुगम यातायात के लिए सड़कों का समतल होना भी जरूरी है। कम से कम जिस शहर में राजधानी हो, वहां ऐसी उम्मीद तो की ही जाती है कि सड़कें बेहतर हों। मगर, इससे उलट दून की सड़कों में गड्ढों की भरमार है। शायद ही ऐसी कोई सड़क को कि जहां गड्ढे न हों। रही सही कसर इस बरसात में पूरी हो रही है और कई सड़कें तो ऐसी हैं, जहां पूरा का पूरा हिस्सा गड्ढों में तब्दील हो रहा है।