Udham Singh Nagar फर्जिवाड़े का शिकार हुआ युवा,जान पर बन आई! | Human Trafficking | Uttarakhand News

Spread the love

दोस्तो अगर आप भी विदेश जाक पैसा कमाना चाहते हैं या फिर आपके अपने लोग एसी कोई प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर पर थोड़ा गौर जरूर कीजिएगा, क्योंकि विदेश जाने का सपना तो इस देश में अपने प्रदेश में हजारों लाखों लोग हर रोज देखते हैं, लेकिन कई बार कुछ लोों के लिए ये फैसला सही साबित होता है तो कुछ लोग बड़ी मुसीबत में पड़ जाते हैं। आज में ऐसी ही एक खबर लेकर आया हूं जहां उत्तराखंड का एक लाल सास संमदर पार फंस चुका है और यहां परिवार परेशानी की हालात में है और गुहार लगा रहा है। दोस्तो सपना था साउथ कोरिया जाने का लेकिन हकीकत बन गई डरावनी कहानी। उत्तराखंड का एक युवक विदेश भेजने के नाम पर ऐसा फंसा कि इथियोपिया में किडनैप हो गया। क्या ये पूरा मामला मानव तस्करी का है?कैसे एक सपना अपहरण में बदल गया? और आखिर क्यों परिवार से ₹80 लाख की फिरौती मांगी जा रही है? दोस्तो सबसे चौंकाने वाली बात—परिवार को बंधक बनाकर वीडियो भेजे गए हैं, जिनसे डर और बढ़ गया है। क्या युवक को सुरक्षित वापस लाया जा सकेगा? पता नहीं दोस्तो लेकर ये सारे सावल आज एक बार हर किसी के मन में कौध रहे हैं, जो भी इस खबर को देख रहे हा या सुन रहा है।

दोस्तो उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। साउथ कोरिया भेजने के नाम पर एक युवक रोहित कुमार को अंतरराष्ट्रीय ठगी और मानव तस्करी के जाल में फंसा दिया गया। मामला अब अपहरण और फिरौती तक पहुंच गया है, जिससे परिवार में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस रोहित कुमार की वापसी की कोशिश कर रही है, लेकिन तस्वीरे और आने वाली हर कोई कॉल परिवार को डरा रही है। जी हां दोस्तो ऐसे कई कॉल हर रोज परिवार को आ रहे हैं परिवार डरा हुआ है, लेकिन सवाल कई जिसका जिक्र आगे करूंगा लेकिन दोस्तो ये मामला उधमसिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र का है. यहां अब्दुल्लानगर के निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें बताया है कि उसके भांजे रोहित कुमार को साउथ कोरिया भेजने के नाम पर एक एजेंट हिमांशु शर्मा ने अपने जाल में फंसा लिया। दोस्तो जो शिकायत हुई है उसमें बताया गया कि आरोपी हिमांशु शर्मा ने खुद को एक भरोसेमंद एजेंट बताते हुए युवक रोहित कुमार को कानूनी प्रक्रिया के तहत विदेश भेजने का दावा किया। इसके लिए कुल 15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें से 5 लाख 65 हजार रुपये बतौर एडवांस लिए गए।

दोस्तो परिवार का आरोप है कि युवक को सीधे साउथ कोरिया भेजने के बजाय उसे पहले बैंकॉक, फिर शारजाह-दुबई और अंत में इथोपिया पहुंचा दिया गया। बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल 2026 को इथोपिया पहुंचने के बाद से ही रोहित कुमार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। दोस्तो परिजनों का कहना है कि उन्हें कुछ तस्वीरें मिली हैं, जिनमें युवक बंधक अवस्था में दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में उसका मुंह बंधा हुआ है और शरीर पर चोट के निशान भी नजर आ रहे हैं। परिवार का दावा है कि रोहित को इथोपिया में अगवा कर लिया गया है और उसकी रिहाई के लिए करीब 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। दोस्तो परिवार की ओर से कुछ वाट्सएप कॉल के वीडियो रिलीज किए गए हैं, जिसमें +1(289) कोड के फोन नंबर से कॉल करके रोहित को किडनैप किए जाने की बात कही जा रही है। ऑडियो में फोन करने वाला खुद को खान बाबा कहकर संबोधित कर रहा है। यह भी बता रहा है कि उसने पैसे लेकर किसी दूसरे लड़के को छोड़ दिया है।

यही नहीं, दोस्तो परिवार को वीडियो कॉल पर ही युवक की वीडियो दिखाई गई, जिसमें उसके मुंह पर कपड़ा बंधा है और उसके हाथ बंधे हैं. इसके साथ ही कुछ ऑडियो भी सामने आए हैं जिसमें कथित तौर पर पीड़ित रोहित ‘खान साहब’ के खाते में 12 बजे से पहले पेमेंट देने को कह रहा है। दोस्तो इस पूरे मामले में परिवार ने परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए और इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि आरोपी हिमांशु शर्मा के साथ एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसमें अभिमन्यु, श्वेता, त्रिलोचन सिंह, मनदीप समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी लोग गदरपुर के गूलरभोज रोड स्थित पपनेजा कॉलोनी के पास इंट्रैको नाम से ऑफिस चलाकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करते हैं। वहीं, दोस्तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी सक्रिय हो गई है। एसएसपी अजय गणपति ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दोस्तो कबूतरबाजी और अवैध तरीके से विदेश भेजने वाले नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं और परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही रोहित कुमार को सकुशल वापस लाया जाएगा, लेकन दोस्तो ये घटना न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि विदेश भेजने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े की भी पोल खोलती है।