UKSSSC PAPER LEAK SCAM को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसटीएफ लगाकर नकल माफिया की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां कराई लेकिन अब अदालत पहुंचकर धामी सरकार की सारी मेहनत पर वकीलों की कमजोर पैरवी से पानी फिरने लगा है। अब तक एसटीएफ द्वारा अरेस्ट किए गए 41 आरोपियों में से 19 आरोपी अदालत के रास्ते जमानत पाकर खुले आसमान तले सांस ले रहे हैं जिनमें नौ पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन अदालत में एक झटके में आरोपियों को धड़ाधड़ जमानत मिल रही जिसे लेकर अब विपक्ष खासकर कांग्रेस आक्रामक हो धामी सरकार पर हमला बोल रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार द्वारा मजबूत पैरवी नहीं की गई, यही वजह है कि आरोपियों को जमानत मिल रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माहरा ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर केस कमजोर किया। गिरफ्तार आरोपियों के केस इसलिए जानबूझकर हल्के किए गए ताकि सफेदपोश नेताओं के नाम सामने न आ पाएं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत को गिरफ्तार किया गया तो मौजूदा अध्यक्ष एस राजू की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने एक लिखित प्रेस बयान जारी कर गंभीर आरोप लगाया है कि चूंकि राज्य में सक्रिय नकल सिंडिकेट के सीधे संबंध सत्ताधारी दल और उच्च अधिकारियों से हैं इसलिए गिरफ्तारियां सिर्फ जनता और बेरोजगार युवाओं की आंखों में धूल झोंकने के लिए की गई थी। असल एजेंडा कानूनी पेचीदगियों में मामले को उलझाकर आरोपियों को बचाने का है और अब ये तमाम आशंकाएं आरोपियों को एक के बाद एक मिल रही जमानत से सच साबित हो रही हैं।
विपक्ष के निशाने पर आई बीजेपी का कहना है कि सरकार ने पारदर्शिता से काम किया है। सरकार ने आरोपियों को जेल में डालने का काम किया है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि पैरवी ठीक ढंग से हुई. जमानत देना का फैसला अदालत करती है। हमारी विशेष जांच टीम ने इस पूरे मामले में मजबूत पैरवी की है। बता दें कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक के अलावा विधानसभा में नियुक्ति के दौरान हुई गड़बड़ी के कारण राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। पेपर लीक मामले में जहां 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं विधानसभा मामले में कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्तियों को निरस्त करने को कहा था।