Universities Academic Calendar: प्रदेश में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में एक जैसा शैक्षणिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों के लिये एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम, एक चुनाव एवं एक दीक्षांत समारोह की थीम पर कार्य करते हुए एकरूपता लाई जायेगी। इसके साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. रावत ने सभी कुलपतियों को विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे विभिन्न श्रेणी के पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य में समयबद्ध एवं गुणवत्ता परक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिये सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश की तिथि, परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम, छात्र संघ चुनाव व दीक्षांत समारोह के लिये समान एकेडमिक कैलेंडर लागू किया जायेगा। इसके लिये सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति आपस में बैठकर दो सप्ताह में शैक्षणिक कैलेंडर का ड्राफ्ट तैयार करेंगे, जिसको अगली बैठक में अंतिम रूप देते हुए स्वीकृति हेतु शासन को भेजा जाएगा।
एक जैसी दीक्षा शपथ के लिए संस्कृत महाविद्यालय के कुलपति प्रो देवेंद्र शास्त्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो शपथ का ड्राफ्ट व वेशभूषा तय कर शासन को अवगत कराएगी। सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली ने कहा कि नए शैक्षिक सत्र से सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश समर्थ पोर्टल से अनिवार्य रूप से किए जाएंगे। आकादमिक गतिविधियों के साथ ही शोध कार्यों एवं कौशल विकास संबंधी पाठ्यक्रमों को वरीयता दी जाएगी। बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा चंद्रेश यादव, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो जगदीश प्रसाद, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत समेत राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।