Joshimath: ढहाए जाएंगे आज असुरक्षित भवन, दौरा करेगी केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम.. पढ़े 10 बड़े अपडेट

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उत्तराखंड का जोशीमठ शहर जमीन के अंदर धंसता जा रहा है। यहां के लोग बेहद डरे हुए हैं। घर, मंदिर, अस्पताल, सेना के भवन और सड़क तक में दरारें पड़ गईं हैं। धीरे-धीरे ये सब जमीन के अंदर समा रहा है। इस खतरे को देखते हुए सैटेलाइट के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया। साथ ही दरार पड़े घरों पर सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 600 घरों को खाली कराकर लगभग 4,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। शहर के जो भी मकान असुरक्षित हैं, आज गिराने का काम शुरू होगा।

जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय की एक टीम यहां आई थी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम मंगलवार को जोशीमठ का दौरा करेगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार से केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की की टीम की देखरेख में आज से भवनों को गिराने का काम शुरू किया जाएगा। धंसते शहर के 200 से अधिक घरों पर रेड क्रॉस के निशान लगा दिए हैं, जो रहने के लिए बेहद असुरक्षित हैं। इन असुरक्षित मकान में रहने वालों को दूसरी जगह सुरक्षित स्थान में शिफ्ट किया गया है। साथ ही राज्य सरकार ने अगले छह महीनों के लिए प्रति माह 4,000 रुपये की सहायता देना का ऐलान किया है।

जोशीमठ आपदा के 10 बड़े अपडेट

  1. सीमा प्रबंधन सचिव डॉ धर्मेंद्र सिंह गंगवार के नेतृत्व में सोमवार को एक उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम देहरादून पहुंची और मुख्यमंत्री से मुलाकात की। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सटीक संख्या जानने के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण किए जा रहे हैं।
  2. केंद्रीय टीम ने कहा कि जोशीमठ का 30 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित है। विशेषज्ञ समिति द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसे पीएमओ को प्रस्तुत किया जाएगा।
  3. जोशीमठ के डीएम हिमांशु खुराना ने कहा कि जलशक्ति मंत्रालय ने एक टीम गठित की थी, जो सोमवार को आई थी। मंगलवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय से भी एक टीम आएगी। हम केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के परामर्श और निगरानी में काम कर रहे हैं।
  4. डीएम ने कहा कि आज उनकी टीम आ रही है, आसपास में जो भी इमारतें लोगों के लिए खतरनाक हो सकती हैं, लोगों की सुरक्षा के लिए उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
  5. रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर निवासियों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए अब तक उठाए गए कदमों सहित स्थिति की जानकारी ली और उन्हें आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया।
  6. जोशीमठ शहर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की चार टीम पूरी तरह से तैनात हैं।
  7. बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने के लिए जोशीमठ से होकर जाना होता है। इसके आसपास के तीर्थ स्थल जाने वाले यात्री भी काफी डरे और सहमें हैं। जोशीमठ में जगह जगह मकान, सड़क आदि में दरारें आईं हुईं हैं।
  8. स्थानीय लोगों ने धंसती जमीन को लेकर आरोप लगाया कि एनटीपीसी (NTPC) की सुंरग में जिस तरह ब्लास्ट किए जाते हैं, वो जमीन धंसने का एक बड़ा कारण हो सकता है।
  9. जमीन धंसने को लेकर पर्यावरण से जुड़े संगठन सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्थानीय क्षेत्र के भूविज्ञान की परवाह किए बिना अंधाधुन कंस्ट्रक्शन किया गया। इसके चलते पहाड़ी शहर में ये हालात हुए हैं।
  10. जोशीमठ में जमीन धंसने के बाद से लोग अब सरकार की तरफ एक उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द कार्रवाई कर उन्हें इस समस्या से निजात दिलवाए।