UP-उत्तराखंड रोडवेज का परिसंपत्ति विवाद सुलझा, उत्तराखंड रोडवेज को मिलेंगे 100 करोड़ रुपये

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देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम और यूपी के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे का हिसाब बराबर हो गया है। सोमवार को यूपी ने बकाया 100 करोड़ रुपये भी उत्तराखंड रोडवेज के खाते में भेज दिए। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने बताया कि अब निगम के डिपो का आधुनिकीकरण किया जाएगा। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने अपने यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पिछले साल 18 नवंबर को यूपी के सीएम योगी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर बैठक हुई थी।

बैठक में उत्तराखंड रोडवेज की मुख्यालय भवन लखनऊ, कार सेक्शन लखनऊ, केंद्रीय कार्यशाला कानपुर, ऐलन फॉरेस्ट कार्यशाला और ट्रेनिंग सेंटर कानपुर व अजमेरी गेट दिल्ली स्थित गेस्ट हाउस की परिसंपत्तियों के बंटवारे पर चर्चा हुई थी। तय हुआ था कि इसके लिए यूपी सरकार 205 करोड़ 42 लाख रुपये की रकम उत्तराखंड परिवहन निगम को देगी। पहले चरण में उत्तराखंड खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जो 105.42 करोड़ की रकम यूपी को दी जानी थी, वह यूपी ने उत्तराखंड परिवहन निगम को दे दी थी।

मंत्री ने कहा कि सीएम ने वर्ष 2025 में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसके तहत रोडवेज काठगोदाम में आईएसबीटी, टनकपुर डिपो को सेंट्रल डिपो के रूप में विकसित करेगा। इसके साथ ही काशीपुर, रामनगर, हल्द्वानी, पौड़ी, श्रीनगर, हरिद्वार, रुड़की को आधुनिक डिपो बनाया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर से दिल्ली में बीएस 6 मॉडल की डीजल बसों को ही प्रवेश करने देने की बात जानकारी में आई है। उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली सरकार अपने इस फैसले को कुछ और आगे तक बढ़ा सकती है। इस बाबत दिल्ली के परिवहन मंत्री से बातचीत भी हो चुकी है।