Uttarakhand BJP में बढ़ी टेंशन?| CM Dhami | | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो उत्तराखंड की सियासत में एक पोस्ट और मच गया बड़ा सियासी भूचाल बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष की सोशल मीडिया पोस्ट ने BJP के अंदर हलचल तेज कर दी। अपनी ही पार्टी और सरकार को लेकर किए गए दावे अब राजनीतिक गलियारों में तीखी चर्चा का विषय बन गए। विपक्ष ने खोला मोर्चा तो बड़े बड़े नेता लाइन खड़े हो गए। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अपनी ही सरकार से नाराज़ नजर आए अजेंद्र?क्यों उन्होंने सार्वजनिक तौर पर पार्टी को लेकर इतने बड़े संकेत दे दिए? क्या ये सिर्फ नाराज़गी है या फिर कुछ और पूरी खबर मेरी रिपोर्ट में देखिए। दोस्तो तो क्या बीजेपी में कुछ ऐसा हो रहा है या चल रहा है कि बीजेपी का एक पूराना सीपाही सार्वजनिक तौर पर राजनिति से सन्यास की बात कर रहा है। क्या आने वाले दिनों बीजेपी में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिलेगा, क्योंकि जिस तरह से ये पोस्ट सबके मोबाइल पर आया उससे बहुत कुछ संकेत मिलते हैं।

उत्तराखंड में वर्तमान में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य देखने को मिल रहा है, उससे राजनीति के प्रति मोहभंग सा होता जा रहा है। मोदी जी ने कहा था कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।” Narendra Modi जी तीसरा दशक ऐसा होगा, हम जैसे कार्यकर्ताओं और देवभूमिकी जनता ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। छात्र जीवन से राष्ट्रवाद और सनातन के प्रति अगाध आस्था, विश्वास और समर्पण के कारण कई बार कई आरोप भी झेले। इन आरोपों से कभी व्यथित नहीं हुआ। व्यथित होने की परिस्थितियां तब उत्पन्न हो रही हैं, जब हम विपरीत कार्यों के साथ दिखाई पड़ रहे हैं और उनके प्रति हमारा मौन समर्थन प्रकट हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं दिखाई पड़ता है। जी हां दोस्तो ये पोस्ट है जिसने उत्तराखंड सियासत में हलचल पैदा कर दी है। इस पर जहां कांग्रेस बीजेपी को आयना दिखा रही है तो वहीं बीजेपी द्वारा अलग तरह के तर्क गढे जा रहे हैं। मै आपको कांग्रेस का वार और बीजेपी का डिफेंसिव अंदाज दोनों दिखा रहा हूं। आप देखिए इसके बाद दिखाउँगा बीजेपी के बड़े नेता का बयान। बीजेपी वाले जनाब कुछ भी ठोस कहते दिखाई नहीं दिए और कुछ नहीं लेकिन दोस्तो बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट से अपनी ही सरकार की नीतियों से व्यथित दिखाई दिए। अजेंद्र ने कहा कि ऐसे हालात में सन्यास के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा।

दोस्तो इससे पहले भी अजेंद्र अजय अंकिता भंडारी हत्याकांड हो या इससे पूर्व केदारनाथ धाम से सोना चोरी का प्रकरण। समय-समय पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अजेंद्र नाराजगी जताते रहे हैं लेकिन इस बार मामला सन्यास तक जा पहुंचा है। तो इधर दोस्तो बीजेपी नेता और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा लिखी है और पार्टी पर पुराने कार्यकर्ताओं का अनदेखी का आरोप लगाया है इस पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने क्या कहा आप भी सुनें। एक सोशल मीडिया पोस्ट ने किस तरह उत्तराखंड की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की नाराज़गी अब खुलकर सामने आ गई है और उन्होंने जिस अंदाज़ में राजनीति से संन्यास लेने तक की बात कही है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर लगातार हमलावर है, तो वहीं बीजेपी इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताकर स्थिति को संभालने की कोशिश करती नजर आ रही है तो क्या ये सिर्फ एक नेता की नाराज़गी है या फिर इसके पीछे पार्टी के भीतर चल रही किसी बड़ी असंतुष्टि की कहानी छिपी है और क्या आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में कोई बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है?फिलहाल इस पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।