उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग से की सिफारिश, इन 4 स्कूलों की हो सकती है मान्यता रद्द

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देहरादून: प्रदेश में मनमानी करने वालों स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग देहरादून की चार स्कूलों की मान्यता रद्द करने जा रहा है। उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग के पास आने वाली शिकायतों में से 60 फीसदी शिकायतें स्कूलों से जुड़ी हुई हैं। जिसको देखते हुए उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग अब प्रदेश के निजी स्कूलों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग कमेटी बनाने जा रहा है। ताकि निजी स्कूलों की मनमानी के साथ ही बच्चों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सके। देहरादून के Lucent, DPSG, Raja Ram Mohan Roy और रहमानिया स्कूल की हो मान्यता रद्द सकती है। आयोग की अध्यक्षा डॉक्टर गीता खन्ना ने शिक्षा विभाग से सिफारिश की है।

आयोग की अध्यक्ष ने कहा आयोग ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं कि आरटीई की अनदेखी करने वाले इन स्कूलों के बाहर बोर्ड लगाया जाए कि इन स्कूलों की मान्यता का मामला चल रहा है। ताकि नए शिक्षा सत्र में बच्चे परेशान न हों। साथ ही कहा कि शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहा है। लिहाजा, इसकी निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए। जो आयोग के साथ मिलकर काम कर सके। आयोग की अध्यक्ष ने 70 बाल विधायकों के चयन और इनके माध्यम से किए गए कार्यों की भी जानकारी दी। अध्यक्ष ने बताया कि राजा राम मोहन राय देहरादून, रहमानिया भगवानपुर, डीपीएसजी देहरादून और यूसेंट स्कूल देहरादून ये वह स्कूल हैं, जो बार-बार निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। लिहाजा शिक्षा विभाग को इस बाबत पत्र लिखा गया है कि इन स्कूलों की गहन जांच करा कर इनकी मान्यता रद्द की जाए।