उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद धराली गांव और हर्षिल स्थित सेना के कैंप में आए मलबे में तीसरे दिन गुरुवार को भी जिंदगियों को तलाशने का अभियान जारी है। मलबे से पटे उत्तरकाशी के धराली में जिंदगी की तलाश के लिए खोजी कुत्तों के साथ ही ड्रोन सर्वे की मदद ली जा रही है। बचाव कार्य में जुटीं सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आइटीबीपी की टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक 13 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। जिसमें सेना के रेस्क्यू के दौरान घायल होने वाले 11 जवान, 2 स्थानीय लोग शामिल है। वहीं, 2 मृतकों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें से 1 मृतक की पहचान हुई है। दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि सेना के नौ जवानों सहित 19 लोग लापता हैं।
सीएम धामी धराली में राहत एवं बचाव कार्यों की सघन निगरानी के लिए बुधवार को उत्तरकाशी में ही प्रवास किया। अधिकारियों के साथ बैठक कर रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार समीक्षा भी कर रहे हैं।एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा पूरी तत्परता के साथ बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आपदा के बाद हर्षिल में भागीरथी नदी में बन गई झील के निरीक्षण के लिए सिंचाई विभाग की टीम पहुंची है। टीम के अनुसार झील से पानी की निकासी हो रही है, चिंता जैसी कोई बात नहीं है। अवरोध को हटाने के लिए भी योजना बनाई गई है। आपदा के दौरान तैलगाड गधेरे से मलबा आने से भागीरथी नदी में झील बन गई। इस झील के पानी से हर्षिल से जाने का वाला मार्ग भी प्रभावित हुआ है। इस झील को हटाने और पानी का प्रवाह को सामान्य करने के लिए सिंचाई विभाग की टीम को भेजा गया था।