देहरादून: राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था। लेकिन, इस साल केंद्र की मोदी सरकार ने उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा है। दरअसल, नाम बदलने के बाद से कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह पहली परेड थी, जिसमें उत्तराखंड की झांकी ‘मानसखंड’ को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड प्रदेश का नाम दर्ज हो गया है। उत्तराखण्ड की “मानसखण्ड” झांकी को प्रथम स्थान के लिये पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया।संयुक्त निदेशक के0एस.0चौहान भी इस मौक़े पर मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड राज्य की झांकी को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश विदेश के लोग मानसखण्ड के साथ ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों, सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है। इस दौरान सीएम ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। ऐसे में मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मानसखण्डकॉरिडोर के जरिए प्रदेश की चार धाम यात्रा की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है।