बिजली के बिल में राहत! | Electicity Rates | UPCL | CM Dhami |Uttarakhand News

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कैसे इस चुनावी साल में उत्तराखंड में सरकार ने आम जन को बड़ी राहत है। जी हाँ दोस्तों, बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी! उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है – प्रदेश में बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी..UPCL ने बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। यानी अब आम जनता की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा, किस तरह ये फैसला आपको सीधे फायदा पहुंचाएगा। बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो अभी कुछ दिन पहले ये खबर सुर्खियों थी की प्रदेश की जनता पर डबल अटैक होने वाला है। पानी के साथ ही बिजली के दाम बढ़ने से प्रदेश की जनता की जेब पर असर पड़ेगा, लेकिन दोस्तो चुनावी साल में उत्तराखंड की जनता को बड़ी राहत मिली है। बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बीच नियामक आयोग ने अहम फैसला लेते हुए आम उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बढ़ने दिया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने राज्य में बिजली दरों को लेकर अहम फैसले की जानकारी दी है। आयोग ने बिजली वितरण निगम के प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए नई दरों को मंजूरी दे दी है। दोस्तो जो जानकारी के मिली वो ये कि बिजली वितरण निगम ने वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में करीब 17 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था. कुल मिलाकर अन्य कंपनियों के साथ यह बढ़ोतरी करीब 18 प्रतिशत से ज्यादा बैठ रही थी, लेकिन आयोग ने इस बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं किया।

दोस्तो आयोग ने साफ किया कि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए कुल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ श्रेणियों में संतुलन बनाने के लिए हल्का बदलाव किया गया है। दोस्तो घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि पहले से लागू दरों को ही जारी रखा गया है। गरीबी रेखा वाले उपभोक्ताओं के लिए दर लगभग एक रुपये पचासी पैसे प्रति यूनिट ही रखी गई है। अन्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी 0 से 100 यूनिट, 101 से 200 यूनिट, 201 से 400 यूनिट और उससे ऊपर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि दोस्तो एकल बिंदु आपूर्ति वाले उपभोक्ताओं को राहत देते हुए दर घटाकर लगभग छह रुपये पच्चीस पैसे प्रति इकाई कर दी गई है, जो पहले ज्यादा थी। दोस्तो आयोग ने यह भी बताया कि सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए स्थायी शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं के बीच सब्सिडी का संतुलन भी तय मानकों के भीतर रखा गया है। इसके अलावा आयोग ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने, नुकसान कम करने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। दोस्तो कुल मिलाकर आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाला फैसला लिया है जिसमें दरों को स्थिर रखते हुए व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया गया है। इस चुनावी साल में यह महंगाई और लोगों की एंटी एनकंबेंसी को लेकर भी एक बड़ा रणनीतिक फैसला देखा जा रहा है तो दोस्तों, चुनावी साल में उत्तराखंड की जनता को बड़ी राहत देते हुए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नियामक आयोग के इस फैसले से साफ है कि आम उपभोक्ताओं की जेब का खास ध्यान रखा गया है।हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आगे भी यही राहत जारी रहेगी या फिर भविष्य में दरों में बदलाव देखने को मिलेगा।फिलहाल के लिए जनता को महंगाई से थोड़ी राहत जरूर मिली है।