पांच मिनट में पहचान तैयार! Rudrapur में फर्जी दस्तावेजों का कारोबार | U S Nagar | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो यहां बस पैसा दो आपका सारा काम चुटकियों में हो जाएगा। दोस्तो एक तरफ पूरे उत्तराखंड में एक सत्यापन अभियान चल रहा है। बाहरी उन्मादी अपराधी किसम के लोगों को खोजा जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर एक ऐसा खुलासा जो चौका देता है। उत्तराखंड फर्जी सीएससी सेंटर का भंडाफोड़ ये बताने के लिए कापी है कि यहां मुंह मांगी कीमत पर पांच मिनट के भीतर नकली पहचान तैयार होती थी। यहां बाहरी लोगों के फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाए जाते हैं। कैसे हुआ खुलासा क्या है पूरी खबर बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो वैसे कई तरह के सेंटर से फर्दा इससे पहले उठ चुका है लेकिन ये खबर बेहद अहम इसलिए है क्योंकि यहां चंद पैसों के लिए फर्जिवाड़ा कर प्रदेश के सौहार्द के साथ समझौता किया जा रहा है वो डेमोग्राफी बदलाव का हल्ला तो आपने सुना ही होगा तो क्या ऐसे फर्जी तरह से चलाए जा सरे सेंटर ही इनका पहला केंद्र है। दोस्तो उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। साल भर से ट्रांजिट कैंप में ये फर्जी जनसेवा केंद्र चल रहा था, जहां बाहरी राज्यों के लोगों के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाए जा रहे थे। एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए केंद्र के संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘पिक्सेल लैब’ ऐप के जरिए दस्तावेजों को एडिट कर फर्जीवाड़ा करता था। मौके से आधार-पैन सहित 97 से अधिक दस्तावेज और उपकरण मिले हैं। दोस्तो बता दूं कि एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि,

मछली मार्केट रोड स्थित ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ में बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों के फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। टीम ने दुकान पर छापा मारा। मौके पर मौजूद युवक ने अपनी पहचान रामपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी गड्डा कॉलोनी, शिमला बहादुर, ट्रांजिट कैंप चेतन कुमार के रूप में दी। दोस्तो यहां जांच में सामने आया कि आरोपी पिक्सेल लैब ऐप के जरिए दस्तावेजों में नाम और पता बदलकर उनका प्रिंट निकाल लेता था। उसके मोबाइल से भी फर्जी दस्तावेजों की कई तस्वीरें मिली हैं। अब थोड़ा इस पर भी गौर कीजिए कैसे जनसेवा केंद्र की आड़ में अवैध कारोबार। दोस्तो पुलिस के मुताबिक आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के जनसेवा केंद्र की आड़ में यह अवैध कारोबार चला रहा था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह सिडकुल की कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ये फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस जन सेवा केंद्र और उपकरणों को सील कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं दोस्तो इस कार्रवाई के जरिए कई चीजों की बरामदगी हुई है आरोपी के पास से 42 आधार कार्ड, 55 पैन कार्ड, 9 हाईस्कूल अंकतालिकाएं (1) मूल, 8 फर्जी), 11 फोटोशीट के साथ ही 9,000 रुपये नकदी बरामद हुई है। आरोपी से मॉनिटर, एचपी कलर प्रिंटर, सीपीयू, की-बोर्ड और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि उपकरण भी बरामद किए हैं।

दोस्तो इस ममाले में यूएस नगर एसएसपी कहना है कि आमजन से अपील है कि फर्जी दस्तावेज बनवाने और इनका उपयोग करने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अब सवालये आता है कि क्या इस धोखाधड़ी के पीछे कोई और भी है? दोस्तो खबर ये भी कि पकड़े गए आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि वह एक साल से भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ‘गंगवार’ नाम से जनसेवा केंद्र संचालित कर रहा था। युवक मूल रूप से यूपी के रामपुर जिले का है और ट्रांजिट कैंप में किराये पर रहकर जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज बना रहा था। अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या यह केंद्र गिरफ्तार युवक का ही है या इस फर्जीवाड़े में कोई और भी शामिल है। दोस्तो यहां चौकाने वाली बात ये है कि नौकरी के लिए मुंह मांगी कीमत देते थे बाहरी लोग ये मै नहीं कह रहा ये एसटीएफ की जांच पड़ताल में सामने आया है। दोस्तो ट्रांजिट कैंप क्षेत्र सिडकुल के नजदीक और अत्यंत भीड़भाड़ वाला होने के कारण यहां बाहरी राज्यों से आए कई लोग नौकरी की तलाश में रहते हैं। युवक ने पूछताछ में बताया कि चूंकि सिडकुल की कंपनियों में उत्तराखंड के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए बाहरी राज्यों के लोग यहां का आधार कार्ड और मार्कशीट बनवाने आते थे। वह एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के जरिए ग्राहक की फोटो लेकर, उनके बताए नाम और पते को एडिट कर फर्जी आधार कार्ड प्रिंट करता था और इसके बदले मुंह मांगी रकम वसूलता था। रुद्रपुर में फर्जी जनसेवा केंद्र का भंडाफोड़, एसटीएफ और पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार। रुद्रपुर में ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ के नाम से चल रहे फर्जी दस्तावेज निर्माण का खुलासा हुआ। आरोपी युवक ने एक साल से पिक्सेल लैब ऐप के जरिए बाहरी राज्यों के लोगों के फर्जी आधार, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और केंद्र को सील कर दिया गया।