धामी मंत्रिमंडल में कांग्रेसियों की भरमार! | CM Dhami | Ganesh Godiyal | Congress | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो एक तरफ उत्तराखंड सरकार में 5 नए चेहरे क्या शामिल हुए। सवालों का शोर फिर शुरु हो गया और हो भी क्यों ना, क्योंकि उत्तराखंड में सरकार तो बीजेपी की है लेकिन मंत्रीमंडल का हिल्सा जो नेता हैं। उन नेताओं को लेकर उनकी सियासत और सियासी सफर को लेकर एक बार फिर ये कहा जाने लगा है कि सरकार बीजेपी की मंत्री कांग्रेस के तो क्या कांग्रेस मुक्त की बात करते-करते कांग्रेस युक्त हो हो गई बीजेपी। क्या बीजेपी के फास अपने बीजेपी कैडर के अच्छे नेताओं की कमी है और ये सवाल क्यों हो रहा है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है वो बताने के लिए आया हूं। दोस्तो वैसे इस बात में सच्चाई दिखती है कि जिस दल का पन्ना प्रमुख तक मजबूत कैडर हो और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी वो कहती हो अपने आप को, लेकिन जब उत्तराखंड मंत्रीमंडल की तस्वीर को आज आप देखेंगे तो आपको इस मंत्रिमंडल में कांग्रेस पृष्ठभूमि के ही नेता दिखाई देंगे और कांग्रेस वाले इस बात को लेकर सरकार के साथ बीजेपी को आड़े हाथ ले रहे हैं। जी हां दोस्तो कांग्रेस तंज कर रही है।

वैसे 5 नए मंत्रियों की बात पहले कर लेता हूं जिनका जिक्र गोदियाल ने भी किया। दोस्तो 5 में से तीन मंत्री कांग्रेस पृष्टभूमि के हैं और जब आप 12 मंत्रियोंकी तस्वीर को देखेंगे तो आपको और ज्यादा हैरानी होगी कि 12 में 7 मंत्री कांग्रेस के झंडावरदार थे। आज वो बीजेपी के मंत्री हैं पहले दोस्तो वो ताजा-ताजा तीन नाम वो हैं प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, और भरत चौधरी। जी हां दोस्तो ये तीन कभी कांग्रेस के साथ थे बल अब मंत्री बने हैं। थोड़ा गैर कीजिएगा। रुड़की विधानसभा से विधायक प्रदीप बत्रा पंजाबी समाज से आते हैं। वो रुड़की से तीन बार विधायक रहे चुके है। हरीश रावत सरकार के समय कांग्रेस के कुछ विधायकों ने बगावत कर बीजेपी का हाथ थामा था। इन विधायकों में प्रदीप बत्रा भी शामिल हैं। दूसरा नाम जो पहले कांग्रेसी था फिर बीजेपी में आकर आज मंत्री बना वो नाम है राम सिंह कैड़ा का राम सिंह कैड़ा नैनीताल के भीमताल सीट से विधायक है। वो ठाकुर समाज से आते है। इस सीट से वो दो बार विधायक रह चुके है। बीजेपी के टिकट से वो पहली बार विधायक बने हैं। इससे पहले साल 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे। जिसमें उन्होंने भीमताल से जीत हासिल की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की। काफी लंबे समय तक राम सिंह कैड़ा कांग्रेस से भी जुडे़ रहे। दोस्तो तीसरे कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले नेता हैं या ये कहूं आज बीजेपी की सरकार में मंत्री हें तो वो हैं। भरत चौधरी दोस्तो रुद्रप्रयाग सीट से विधायक भरत चौधरी भी ठाकुर समाज से आते है। इस सीट से वो दो बार पार्टी के विधायक रहे हैं। राजनीति में भरत चार दशकों से हैं। मंत्रीमंडल में भरत चौधरी को शामिल कर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का मैसेज दिया है। आपको बता दें कि आज संस्कृत में उन्होंने शपथ ली।

दोस्तो इन नामों को लेकर कांग्रेस वाले आज बीजेपी पर तंज कस रहे हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार करके बीजेपी के लोगों को बता दिया है कि तुम्हारे अंदर कोई काबिलियत नहीं है। सारी काबिलियत काँग्रेस के लोगों में ही है.भाजपा वाले सिर्फ और सिर्फ दरी बिछाने के लिए पार्टी में है, लेकिन दोस्तो रहा इन नामों पर भी गौर कीजिए ये तो सिर्फ तीन नाम हैं लेकिन यहां तीन नहीं संख्या 7 है वो कैसे बताता हूं। तो क्या बीजेपी वाले कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाले खुद कांग्रेस युक्त हो गए हैं वो इसलिए क्योंकि ये तस्वीर। सुबोध उनियाल (पूर्व कांग्रेसी), रेखा आर्या (पूर्व कांग्रेसी), सतपाल महाराज (पूर्व कांग्रेसी), प्रदीप बत्रा (पूर्व कांग्रेसी), भरत चौधरी (पूर्व कांग्रेसी), सौरभ बहुगुणा (पूर्व कांग्रेसी), राम सिंह कैड़ा (पूर्व कांग्रेसी) दोस्तो ये तस्वीर आज उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के मंत्री मंडल की है हालांकि सियासत में दल बदल लगा रहता है तो मंत्री बनना भी लाजमी है। कोई दिक्कत नहीं लेकिन 7 मंत्री कांग्रेस गौत्र के, 4 मूल भाजपाई ! मुन्ना चौहान, बिशन सिंह चुफाल, किशोर उपाध्याय, विनोद कंडारी, प्रीतम पंवार, आशा नौटियाल का कैसे कटा पत्ता कोइ जानता हो तो बताना जरूर और हां क्या मुन्ना सिंह चौहान की योग्यता से डरती है BJP? या फिर कोई और वजह है लेकिन आज शोर इस बात को लेकर शुरू हो चुका है। क्योंकि कहा तो ये भी जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में जगह पाने वाले मदन कोशिक अब तक फ्रेम में कहीं थे ही नहीं यानि वो गायब से थे लेकिन चुनाव से ठीक 9-10 महिने पहले मंत्रिमंडल में एंट्री हो गई।