भाजपा में घुटन महसूस कर रहे थे आर्य, लखीमपुर खीरी की घटना से भी आहत थे

Spread the love

 करीब 11 माह से बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों व लखीमपुर खीरी में किसानों को गाडिय़ों से रौंदे जाने एवं विकास कार्यों के लिए मांग के अनुरूप धन आवंटित नहीं करने, अनुसूचित जाति व कमजोर वर्ग की योजनाओं के लिए मांग के अनुरूप बजट नहीं देने सहित अनेक ऐसे मुद्दे रहे। जिनके चलते कांग्रेस में रहते हुए खुले मन से विकास कार्य करने वाले यशपाल आर्य को भाजपा छोडऩे के लिए मजबूर होना पड़ा।

लगभग 40 वर्ष के राजनैतिक जीवन में 35 वर्षों तक कांग्रेस में रहने तथा बाजपुर सहित जनपद की खटीमा, सितारगंज के साथ ही नैनीताल जनपद में बेतालघाट सीट से विधायक रहे यशपाल आर्य भाजपा की राष्ट्रीय सोच को देखते हुए वर्ष, 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन राजनैतिक बंदिश के बीच कार्य करने की क्षमता पर प्रभावित होते देख उन्होंने काफी समय पहले ही भाजपा छोडऩे का मन बना लिया था और स्वयं को लगातार उपेक्षित महसूस कर रहे थे

तना ही नहीं तीसरी बार मुख्यमंत्री बदले जाने के दौरान भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की थी। लखीमपुर खीरी की घटना उनके जेहन में ऐसा घर कर गई कि वह व्याकुल नजर आने लगे थे और घटना के दिन ही उन्होंने इस कार्य की घोर ङ्क्षनदा की थी। तभी से ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि कुछ परिवर्तन होने जा रहा है जिसकी बानगी सोमवार को देखने को मिली है।

विधानसभा क्षेत्र-64 बाजपुर से प्रथम बार 2012 में जब यशपाल आर्य मैदान में आए तो उन्हें चुनाव लड़वाने में हरेंद्र लाडी की अहम् भूमिका रही थी। उनके द्वारा ही कई माह तक पूरे क्षेत्र का भ्रमण करवाया गया और ऐसा काफिला जुड़ा कि वह भारी बहुमत से विधायक व कैबिनेट मंत्री बने थे। उनके द्वारा क्षेत्र के विकास को इतनी तरजीह दी गई कि वर्ष, 2017 में भाजपा में चले जाने के बाद भी उन्होंने कांग्रेस की सुनीता टम्टा बाजवा को 12 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था और अब कांग्रेस में आने के बाद उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है।

पार्टी नहीं आर्य के साथ हैं बहुत से कार्यकर्ता

यशपाल आर्य मंच का गठन होते ही संकेत मिलने लगे थे कि वह कुछ बड़ा करने जा रहे हैं जिसके चलते उन्होंने जगह-जगह अपने कार्यकर्ताओं को मंच से जोडऩे का कार्य किया। वर्तमान में भाजपा के कई पदाधिकारी जो वर्ष, 2017 में कांग्रेस छोड़कर गए थे सभी पार्टी में वापसी कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस दौरान उनके साथ जुड़े भाजपा के कई लोग भी यशपाल आर्य की वजह से कांग्रेस से जुड़ सकते