कांग्रेस में वापसी के बाद सीट बदलने की चर्चाओं को खारिज करते हुए यशपाल आर्य ने स्पष्ट किया है कि वह बाजपुर से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि बाजपुर उनकी कर्मभूमि है। वहां की जनता ने हमेशा उन्हें आशीर्वाद दिया है। वह जनता के सेवक हैं, इसलिए इसे लेकर कोई संशय या संदेह नहीं होना चाहिए।
गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में यशपाल आर्य ने कहा कि वह भाजपा में अलग-थलग पड़ गए थे और सामंजस्य नहीं बैठा पाए थे। किसान आंदोलन भी घर वापसी का एक कारण रहा। यशपाल ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। कांग्रेस मजबूत होगी तो लोकतंत्र मजबूत होगा। वर्ष-2022 में कांग्रेस की सरकार बने यही उनका संकल्प और सपना है।
अभी मूलधन आया है ब्याज आना है
अन्य लोगों के कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर यशपाल आर्य ने कहा कि अभी बहुत कुछ होना बाकी है जबकि विधायक संजीव आर्य ने कहा कि मूलधन वापस आया है, अभी ब्याज भर-भर के आना है। भाजपा छोड़ने के सवाल पर संजीव ने कहा कि वह खांटी कांग्रेसी हैं। उन्होंने भी अपनी कर्मभूमि नैनीताल से चुनाव लड़ने का संकेत दिया। हालांकि यह भी कहा कि इसका फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और विधायक संजीव आर्य का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचे। कांग्रेस महासचिव महेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने उनका स्वागत किया। तराई के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
18 को संकल्प विजय शंखनाद जनसभा होगी
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की जयंती और पुण्यतिथि 18 अक्तूबर को संकल्प विजय शंखनाद जनसभा आयोजित करने का फैसला किया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतीश नैनवाल ने बताया कि आयोजन रामलीला मैदान हल्द्वानी में होगा। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और संजीव आर्य का स्वागत किया जाएगा। महामंत्री (संगठन) मथुरादत्त जोशी ने कहा कि कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह आदि भी शिरकत करेंगे।
चार काले झंडे वालों से डर गए यशपाल: जोशी
सैनिक कल्याण, औद्योगिक विकास, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गणेश जोशी ने यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने पर बड़ा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि यशपाल आर्य चार काले झंडे वालों से डर गए और उन्हें चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में अपना भविष्य दिखाई देने लगा।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में गणेश जोशी ने कहा कि ऐसे लोगों के आने-जाने से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। भाजपा अपने संगठन और नीतियों के बलबूते चुनाव जीतती है। अन्य दलों की तरह भाजपा की स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हरीश धामी के नेतृत्व में पार्टी काफी मजबूत स्थिति में है। भाजपा प्रदेश में फिर सरकार बनाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग साढ़े चार साल तक सरकार में रहकर मलाई काटने के बाद चुनाव आने पर कांग्रेस में गए हैं। जल्द ही उन्हें इसका अंदाजा हो जाएगा कि उनका फैसला कितना सही था और कितना गलत।