Uttarakhand कानून के शिकंजे में आ गई पुलिस!|kashipur | Uttarakhand News | Kashipur News

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जी हां दोस्तो ऐसा पहुत कम ही देखने को मिलता है, जहां पुलिस पर आरोप लगे और वहां पुलिस वाले ही फंसते दिखें, लेकिन बाजपुर के किसान केस अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां जहां एसआईटी पुलिस पर ही शिकंजा कसने जा रही है इसकी शुरूआत भी हो चुकी है, क्योंकि खबर ये कि किसान की आत्महत्या मामले में पुलिस की लाफरवाही को देखते हुए एसएसपी समेत कई अधिकारियों को नोटिस पहुंच चुका है। इसलिए ये लिखना पड़ा की क्या कानून के शिकंजे में आ गई पुलिस, पूरी खबर क्या है नया अपडेट इस खबर पर बताउंगा आपको।दोस्तो काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में SIT ने उधम सिंह नगर एसएसपी को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। एसएसपी के अलावा तीन उप निरीक्षक और एक अपर उपनिरीक्षक को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। SIT ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो व परिजनों के बयानों के आधार पुलिस अधिकारियों को ये नोटिस जारी किए हैं। दोस्तो इसके अलावा एसआईटी ने सुखवंत सिंह के साथ भूमि धोखाधड़ी के आरोपों के संबंध में रजिस्ट्रार व तहसील कार्यालय के अलावा संबंधित बैंकिंग ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए विभिन्न बैंकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों से मिलने वाले रिकॉर्ड के आधार पर लेन-देन व दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाएगी। इसके अलावा दोस्तो ये कि एसआईटी के सदस्य पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति बताते हैं कि घटनाक्रम से संबंधित अभिलेखों को कब्जे में लेकर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है।

SIT की विशेषज्ञ टीम टेक्निकल सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल, CCTV, डिजिटल साक्ष्य व अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर रही है। SIT ने सभी जानकारी प्रेस नोट जारी कर दी है। दोस्तो यहां आपको बता दूं कि शनिवार 10 जनवरी की वो तारीख थी जब को काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम क्षेत्र में घूमने गए थे उसी रात एक होटल में किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने एक वीडियो बनाया था, उसमें सुखवंत सिंह ने आत्महत्या का कारण बताया था। दोस्तो इसी वीडियो ने उन पुलिस वालों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है, जो इस पूरे मामले में किसान को परेशान कर रहे थे। दोस्तो मामला जमीन खरीदने को लेकर करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का है, जिसकी शिकायत किसान काशीपुर के आईटीआई थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने उल्टा उसे ही डराया धमकाया और आरोपियों का साथ दिया। आखिर में परेशान होकर सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली। सुखवंत सिंह ने वीडियो में कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम भी लिया था और उन पर भी गंभीर आरोप लगाया था। दोस्तो सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद आईटीआई थाने के प्रभारी के अलावा एक उपनिरीक्षण को निलंबित किया गया था। वहीं आईआईटी थाने के अंतर्गत आने वाले पैगा पुलिस चौकी के प्रभारी समेत वहां के 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। बाद में सभी का ट्रांसफर कुमाऊं रीजन से गढ़वाल में कर दिया गया था। इसके अलावा दोस्तो सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए थे, जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को दी गई है। वहीं पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी आईजी एसटीएफ आनंद नीलेश भरणे का अध्यक्षता में SIT का गठन किया था। तभी से SIT इस मामले की जांच कर रही है। दोस्तो यहां गौर करने की बात ये है कि सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया था। जिसके बाद सभी नामजद आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वहीं एसआईटी ने आईटीआई थाने ने दर्ज किए मामले को भी नैनीताल जिले के काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया है। दोस्तों, किसान सुखवंत केस अब सिर्फ़ एक व्यक्तिगत घटना नहीं रह गया है। SIT की सख्ती ने साफ कर दिया है कि किसी के ऊपर भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कोई वरिष्ठ अधिकारी ही क्यों न हो। अब सवाल ये है—क्या इस जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी, या फिर यह मामला भी फ़ाइलों में दब जाएगा? मेरी नजर इस पूरे मामले पर बनी रहेगी दोस्तो कोई नई अपडेट हो आप तक जरूर पहुंचेगी।